सरकारी कंपनियों के शेयरों की 25 पर्सेंट तक पिटाई से धराशायी हुआ बाजार

मुंबई- लोकसभा चुनाव के नतीजों वाले दिन 4 जून को सेंसेक्स 4389 अंक (5.74%) की गिरावट के साथ 72,079 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 1,379 अंक (5.93%) की गिरावट रही, ये 21,884 के स्तर पर बंद हुआ।

शेयर बाजार में तेज बिकवाली से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। मंगलवार, 4 जून को उनकी वेल्थ लगभग ₹31 लाख करोड़ कम हो गई। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का ओवरऑल मार्केट कैप 395 लाख करोड़ रुपए हो गया। एक दिन पहले यह लगभग ₹426 लाख करोड़ था।

खासकर सरकारी कंपनियों के शेयरों की पिटाई ने बाजार को नीचे लाने पर मजबूर कर दिया। वे सभी सरकारी शेयर 25 फीसदी तक टूट गए, जो नरेंद्र मोदी की तीसरी बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में वापसी की उम्मीदों में लंबी छलांग लगा रहे थे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 15.14 फीसदी, निफ्टी पीएसई में 16.38 फीसदी और निफ्टी सीपीएसई इंडेक्स में 15.04 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

जिन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट रही, उनमें पंजाब नेशनल बैंक 15.80 फीसदी, मझगांव डाक 18.15 फीसदी, इंडियन बैंक 13.57 फीसदी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 16.26 फीसदी टूट गया। बैंक ऑफ इंडिया का शेयर 14.09 फीसदी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र का 12.82 फीसदी, आरवीएनएल का 13.09 फीसदी, गेल 17 फीसदी और ओएनजीसी का शेयर 16.74 फीसदी टूटकर बंद हुआ।

विभिन्न कारणों से सेंसेक्स में गिरावट देखें तो ऐसे 9 अवसर रहे हैं, जब यह 7 फीसदी से ज्यादा टूटा है। हर्षद मेहता घोटाले के कारण पहली बार सेंसेक्स 28 अप्रैल, 1992 को 12 फीसदी टूटा था। 17 मई, 2004 को यह फिर 13 फीसदी गिरा तो 24 अक्तूबर, 2008 को इसमें 12 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। 12 मार्च, 2020 को 9 फीसदी, 23 मार्च, 2020 को 15 फीसदी, 16 मार्च, 2020 को 8.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

21 जनवरी, 2008 को 8 फीसदी, 18 मई, 2006 को 8 फीसदी और 4 जून, 2024 को 5.74 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। अंकों में सर्वाधिक गिरावट 3,934 की कोरोना के समय 23 मार्च, 2020 को हुई थी। 12 मार्च, 2020 को यह 2,919 और 16 मार्च, 2020 को 2,713 अंक टूटा था। 4 जून, 2024 को इसमें सर्वाधिक 4,390 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में सबसे अधिक पिटाई 15.45 फीसदी एनटीपीसी की हुई है। इसके अलावा एसबीआई में 14.42 फीसदी, लार्सन एंड टुब्रो में 12.69 फीसदी, पावरग्रि़ड में 12.38 फीसदी व टाटा स्टील में 8.87 फीसदी गिरावट रही। बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में एचयूएल, नेस्ले, टीसीएस, एशियन पेंट्स और सन फार्मा रहे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेशकों को 1.54 लाख करोड़ का घाटा हुआ है। सोमवार को कंपनी की पूंजी 20.44 लाख करोड़ रुपये रही। मंगलवार को घटकर 18.90 लाख करोड़ रह गई। शेयरों में 7.53 फीसदी की गिरावट रही। अदाणी के शेयरों में 25 फीसदी तक की गिरावट से निवेशकों को 3.64 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। समूह की पूंजी 19.42 लाख करोड़ से घटकर 15.78 लाख करोड़ रह गई। एसबीआई की पूंजी 8.08 लाख करोड़ से 1.17 लाख करोड़ घटकर 6.91 लाख करोड़ रुपये रह गई।

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