युवा पहले वेतन से ही बचत और निवेश का लक्ष्य बनाकर चलें, होगा फायदा

मुंबई- यह देखना हमेशा उत्साह से भरा होता है कि आपके जान-पहचान वाले बच्चे स्कूल छोड़कर कॉलेज में दाखिला ले रहे हैं। फिर नौकरी कर रहे हैं। श्रेयस इंजीनियरिंग कॉलेज में स्कॉलर था। उसने अपने अंतिम वर्ष में भी हॉस्टल में रहने का विकल्प नहीं चुना। यह उसकी और उसके परिवार की निजी पसंद है। इस संरक्षित परवरिश का मतलब था कि श्रेयस शायद ही कभी लंबे समय तक अकेले रहा हो।

बच्चों को जीवन और पैसों से जुड़े मामलों को खुद ही तलाशने देना चाहिए ताकि वे गलतियों से सीख सकें और मुश्किल हालातों को खुद ही संभाल सकें। हां, इस दौरान हमेशा आस-पास रहना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे को अनिश्चित काल तक संभाले ही रखना चाहिए। जब श्रेयस मुझे अपनी नई नौकरी के बारे में बताया तो मैंने पूछा कि अपनी पहली तनख्वाह का क्या करेगा। उसका जवाब था उसके पिता इसे तय करेंगे। कई युवाओं के साथ ऐसा होता है क्योंकि घरों में वित्तीय मामलों पर शायद ही कभी चर्चा होती है।

पहले खुद को भुगतान करें : पहली तनख्वाह मिलने से वित्तीय स्वतंत्रता का एक फैक्टर जुड़ा होता है। मुझे लगता है कि व्यक्ति को इसका एक बड़ा हिस्सा अपनी इच्छा अनुसार खर्च करना चाहिए। इस तरह, लंबे समय से दबी हुई आपकी कोई भी इच्छा पूरी हो जाएगी। इस खर्च में कोई अपराध बोध भी नहीं होना चाहिए।

समझें कि आपको क्या मिलता है : हर कंपनी का सैलरी स्ट्रक्चर अलग-अलग होता है। यह समझना अच्छा होगा कि आपको अपने पैकेज में वास्तव में क्या मिलता है। यह आपको टैक्स में कटौती और प्राप्त ग्रॉस और नेट इनकम के बीच के अंतर से भी परिचित कराएगा। एक बार जब आप इसे समझ लेंगे, तो आप अपने टैक्स की योजना बनाने में सक्षम होंगे और भविष्य के लिए बचत और निवेश करने के तरीके पर भी काम करेंगे।

आप अपने माता-पिता के साथ रह रहे हैं, तो संभावना है कि वे घर के खर्चों को संभाल रहे हैं। आपको घर खर्च करने से हतोत्साहित कर सकते हैं। यह समझें कि घर के खर्चे किस तरह के हैं। आप अकेले रहते हैं तो आपको कितनी जरूरत होगी। एक बार जब आप यह जान लेंगे, तो बिजली के बिल, गैस के बिल, नौकरानियों को वेतन और अन्य निश्चित घरेलू खर्च सामने आ जाएंगे। आप इनमें से कुछ का भुगतान खुद ही कर सकते हैं।

यदि आपने शिक्षा कर्ज लिया है तो इसे तुरंत चुकाना शुरू कर दें। इसमें ढिलाई कतई न बरतें क्योंकि इसमें मोरेटोरियम और टैक्स लाभ शामिल है। कर्ज मुक्त रहने की आदत आपको जीवन में बहुत आगे ले जा सकती है। लोन के भुगतान में देरी आपके भविष्य में होने वाले खर्चों को प्रभावित करेगी। इसके बाद, अपने लिए वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करें जैसे कि वाहन या घर खरीदना। लक्ष्यों में छुट्टी के लिए पैसे, गैजेट या उपकरण खरीदना या अपने भविष्य जैसे शादी और रिटायरमेंट के लिए बचत करना शामिल हो सकता है।

अपनी सैलरी का 10-15 फीसदी बचत और निवेश के लिए बचाने की आदत डालें। सुनिश्चित करें कि आप इस निवेश का इस्तेमाल लंबी अवधि के लिए कर रहे हैं। जैसे-जैसे साल बीतते हैं, ऐसे निवेशों में अपना योगदान बढ़ाते जाएं क्योंकि चक्रवृद्धि ब्याज से मदद मिलेगी और नियमित निवेश की आदत भी बनेगी।

लोन बनाम निवेश : आज हर वित्तीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लोन उपलब्ध है। हालाँकि, इन पर लागत आती है पर कुछ ऐसे लोन हैं जो वित्तीय रूप से स्मार्ट हैं। जैसे घर खरीदने या शिक्षा के लिए लोन लेना। लेकिन, बाजार में आया नया फोन खरीदने या छुट्टी मनाने के लिए उधार लेना उतना अच्छा विचार नहीं है।

इसका कारण यह है कि लोन आपको तुरंत संतुष्टि प्रदान देता है, लेकिन इसमें ब्याज शामिल होता है जो उधार लेने में लगी लागत को वस्तुओं और सेवाओं की वास्तविक कीमत से बहुत अधिक बना देता है। निवेश आपको लंबे समय में पैसा बनाने और उसे सहेजने का अवसर देता है। यह ऐसी चीज़ है जिसे आपको समय के साथ सीखना चाहिए।

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