आरबीआई की बैलेंसशीट पाकिस्तान की जीडीपी का 2.5 गुना, 70 लाख करोड़

मुंबई- आरबीआई की बैलेंसशीट (बही-खाते) का आकार बढ़कर पाकिस्तान की पूरी जीडीपी का करीब 2.5 गुना हो गया है। मार्च, 2024 तक केंद्रीय बैंक की बैलेंसशीट का आकार 11.08 फीसदी बढ़कर 70.48 लाख करोड़ रुपये (करीब 845 अरब डॉलर) हो गया, जबकि पाकिस्तान की पूरी जीडीपी का आकार 28.31 लाख करोड़ रुपये (340 अरब डॉलर) है।

आरबीआई की बैलेंसशीट का आकार एक साल में 7.02 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है। मार्च, 2023 तक यह 63.45 लाख करोड़ रुपये था। बैलेंसशीट का आकार बढ़ने के कारण ही केंद्रीय बैंक केंद्र सरकार को 2.11 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक लाभांश दे सका है।

भारतीय जीडीपी की रफ्तार चालू वित्त वर्ष यानी 2024-25 में भी दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे तेज रहने की उम्मीद है। इस अवधि में जीडीपी की वृद्धि दर 7 फीसदी रह सकती है। आरबीआई ने कहा, लगातार चुनौतियों के बावजूद जीडीपी ने 2023-24 में मजबूती से विस्तार किया। इससे अर्थव्यवस्था की वास्तविक वृद्धि दर बढ़कर 7.6 फीसदी हो गई, जबकि 2022-23 में यह 7 फीसदी रही थी।

बैंकों में बिना दावे वाली जमा राशि 31 मार्च, 2024 तक 26 फीसदी बढ़कर 78,213 करोड़ रुपये पहुंच गई। मार्च, 2023 के अंत तक बैंकों में 62,225 करोड़ रुपये जमा थे, जिनका कोई दावेदार नहीं था। आरबीआई के नियमों के मुताबिक, सहकारी सहित सभी बैंकों में अगर किसी खाताधारक की 10 या अधिक वर्षों से खाते में पड़ी राशि पर कोई दावा नहीं किया गया अथवा खाते से किसी तरह का लेनदेन नहीं हुआ तो इस पैसे को बिना दावे वाली रकम मान लिया जाता है।

देश में बैंकों से जुड़े धोखाधड़ी के मामले एक साल में 165.96 फीसदी बढ़े हैं। हालांकि, इसमें शामिल राशि में 46.7 फीसदी की कमी आई है। 2023-24 में बैंकों में धोखाधड़ी के कुल 36,075 मामले दर्ज किए गए। 2022-23 में यह आंकड़ा 13,564 था। इस अवधि में धोखाधड़ी में शामिल रकम 26,127 करोड़ से घटकर 13,930 करोड़ रुपये रह गई।

पिछले तीन वित्त वर्षों के आंकड़ों से पता चलता है कि निजी बैंकों ने सबसे ज्यादा धोखाधड़ी के मामलों की सूचना दी। इसमें शामिल रकम के मामले में सरकारी बैंक पहले की तरह आगे हैं। निजी बैंकों में धोखाधड़ी के मामले 2022-23 के 8,979 से बढ़कर 2023-24 में 24,210 पहुंच गए। धोखाधड़ी में शामिल रकम 6,159 करोड़ से घटकर 3,170 करोड़ रुपये रह गई।

सरकारी बैंकों में 7,472 मामलों में 10,507 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई, जबकि 2022-23 में यह आंकड़ा क्रमशः 3,392 और 18,750 करोड़ रुपये था। इनके अलावा, स्मॉल फाइनेंस बैंक, वित्तीय संस्थानों, विदेशी बैंकों और क्षेत्रीय बैंकों में भी धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं।

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