पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा, मोदी के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था चौपट

मुंबई- पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के तहत एक जून को होने वाले मतदान से ठीक पहले बड़ी अपील कर दी। कांग्रेस के पक्ष में वोट डालने का आह्वान करते हुए पूर्व पीएम ने इकनॉमी पर मोदी सरकार की दुखती रगों को छू लिया।

मतदान से पहले पंजाब के वोटरों को लिखे खुले पत्र में मनमोहन सिंह ने तमाम अन्‍य बातों के साथ आर्थिक मोर्चे पर सत्‍तारूढ़ सरकार की खामियों को एक-एक करके गिना डाला। उन्‍होंने नोटबंदी, बेरोजगारी, जीएसटी से लेकर ग्रोथ और किसानों की आय तक का जिक्र किया।

मनमोहन सिंह ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वासन दिया था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। हालांकि, पिछले दस वर्षों की नीतियों ने किसानों की आय पर प्रतिकूल असर डाला है। सिंह बोले, ‘किसानों की राष्ट्रीय औसत मासिक आय सिर्फ 27 रुपये प्रतिदिन है। जबकि प्रति किसान औसत कर्ज 27,000 रुपये है।’

पूर्व पीएम ने बताया कि ईंधन और फर्टिलाइजर जैसी ऊंची लागत के साथ 35 कृषि-संबंधित वस्तुओं पर जीएसटी और अनियमित निर्यात-आयात निर्णयों ने कृषि परिवारों की बचत को खत्म कर दिया है। सिंह ने इसकी तुलना कांग्रेस-यूपीए सरकार की पहलों से की।

उन्‍होंने कहा, ‘कांग्रेस-यूपीए सरकार ने 3.73 करोड़ किसानों को 72,000 करोड़ रुपये की कर्ज माफी प्रदान की थी। एमएसपी में बढ़ोतरी के साथ इसका दायरा बढ़ाया था। उत्पादन को बढ़ावा दिया था। निर्यात को प्रोत्साहित किया था। इसके चलते पिछले दस वर्षों की तुलना में हमारे कार्यकाल के दौरान कृषि विकास दोगुना हो गया था।’

इसके साथ ही मनमोहन सिंह ने ‘किसान न्याय’ के तहत कांग्रेस की 5 गारंटियों को रेखांकित किया। इनमें एमएसपी की कानूनी गारंटी, कृषि के लिए स्थिर निर्यात-आयात नीति, कर्ज माफी के लिए कृषि वित्त पर स्थायी आयोग, फसल नुकसान के मामले में 30 दिन के भीतर किसानों को बीमाकृत मुआवजे का सीधा ट्रांसफर और कृषि इनपुट उत्पादों तथा उपकरणों पर जीएसटी हटाना शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *