बैंकिंग धोखाधड़ी के अब नए तरीके, एपीके फाइल से खाते हो जा रहे हैं खाली

मुंबई- आजकल के डिजिटल युग में जैसे-जैसे ज्यादा से ज्यादा लोग डिजिटल बैंकिंग की ओर रुख करते जा रहे हैं, धोखेबाज उन्हें धोखा देने के लिए लगातार नई रणनीति अपनाते रहे हैं। हाल में बड़े बैंकों ने ग्राहकों को मैसेज भेजकर चेतावनी दी है कि वे एपीके ऐप इंस्टॉल न करें।

बैंकिंग से संबंधित घोटालों के मामले इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि ग्राहकों के साथ बैंक भी परेशान हैं। हाल में एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, पीएनबी के साथ कई अन्य बैंकों ने ग्राहकों को बैंकिंग धोखाधड़ी के नए तरीके के बारे में चेताया है।

एंड्रॉइड इकोसिस्टम ग्राहकों को प्ले स्टोर पर थर्ड पार्टी के मोबाइल एप्लिकेशन और उस पर पूरा कंट्रोल लेने की मंजूरी देता है। यह हैकर्स के लिए एपीके इंस्टॉल करके या वैध एप्लिकेशन में छेड़छाड़ करके यूजर के एंड्रॉइड डिवाइस में सेंध लगाने के काबिल बना देता है। एसबीआई ने कहा, धोखेबाज रिवॉर्ड पॉइंट्स को भुनाने के लिए एसएमएस या व्हाट्सएप पर एपीके और मैसेज भेज रहे हैं। ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और अज्ञात फाइलें कभी डाउनलोड न करें।

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपनी वेबसाइट पर कहा, हैकर्स पहले ग्राहकों से उनके मोबाइल पर एपीके इंस्टॉल करने का लालच देते हैं। इससे हैकर का काम आसान हो जाता है। जब ग्राहक एपीके पर क्लिक करके इंस्टॉल करने लगता है तो उसे अज्ञात स्रोतों से ऐप्स इंस्टॉल करने के खतरे के बारे में डिवाइस आगाह करता है। लेकिन जब वह इसे नजरंदाज कर आगे बढ़ता है तो देखता है कि यह एपीके ऐप बहुत सारी परमिशन मांग रहा है। जैसे कैमरा, माइक्रोफोन, संपर्क, एसएमएस। इसके इंस्टॉलेशन के बाद हैकर को अपने हैकिंग डिवाइस पर एक कनेक्शन प्राप्त होता है और फिर वह डिवाइस को अपने कंट्रोल में ले लेता है।

जालसाजी करने वाली ऐसी एपीके फाइल सही नहीं होती है। इसका साइज केवल कुछ केबी का हो सकता है। ग्राहक ने ऐसा कोई प्रोग्राम इंस्टॉल किया है, तो इसे तुरंत डिलीट कर देना चाहिए। यदि ग्राहक के फोन में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल है, तो ऐसी एपीके फाइलें तुरंत हानिकारक फाइल के रूप में पहचान कर ली जाती हैं।

यूजर्स को गूगल प्ले स्टोर की चेतावनियों का पालन करना चाहिए कि अज्ञात और असत्यापित स्रोतों से ऐप्स इंस्टॉल करने से उनके डिवाइस को नुकसान हो सकता है। फोन को एक नियमित अंतराल पर रीबूट करते रहें ताकि किसी भी तरह का बैकग्राउंड ऐप्स हट जाए और यह सुनिश्चित हो जाए कि हैकर का कनेक्शन फोन से कट जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *