गजब का है जेप्टो, लोगों को दे रहा है डेट एक्सपायरी वाले सामान की डिलीवरी

मुंबई- नेक्स्ट डोर क्विक कॉमर्स ऐप जेप्टो (Zepto) को क्या हो गया है? यह कंपनी किसी ग्राहक को एक्सपायर्ड दूध के पैकेट बेच रही है तो किसी ग्राहक को नियर टू एक्सपायर आटा बेच रही है। वह भी तब जबकि भारत में खराब फूड प्रोडक्ट बेचना कानूनन जुर्म है और इसके लिए छह माह तक की जेल की सजा है। यही नहीं, इस तरह का कृत्य करने वाले पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

यह वाकया है एनसीआर में गाजियाबाद के वसुंधरा (Vasundhara) इलाके का। वसुंधरा में रहने वाली मोनिका तिवारी ने 20 मई को दिन में करीब 11 बजे जेप्टो से छह लीटर दूध मंगाया। इसमें मदर डेयरी के आधा लीटर के 8 पैकेट और एक लीटर वाले दो पैकेट मंगाए गए थे। इसमें एक लीटर वाला दूध तो ठीक था, लेकिन आधा लीटर वाला दूध 18 मई 2024 को ही एक्सपायर हो चुका था। जब दूध डिलीवर किया गया तो मोनिका ने डेट पर ध्यान नहीं दिया और उसे रेफ्रीजरेटर में रख दिया।

मोनिका ने शाम में चाय बनाने के लिए दूध का एक पैकेट काट कर उबाला तो भगोने में सारा दूध फट गया। इसके बाद उन्होंने पैकेट को गौर से देखा तो वह एक्सपायर्ड प्रोडक्ट दिखा। दूध डिलीवर हुआ 20 मई को जबकि वह 18 मई को ही एक्सपायर हो चुका था। मतलब कि जेप्टो ने उसे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक सामान बेच दिया। इसके बाद वह इसकी शिकायत कंपनी से करने को ठानी।

मोनिका ने जब जेप्टो के ऐप पर शिकायत की तो कंपनी ने कुछ जानकारी मांगी। उसके बाद उन्होंने प्रोडक्ट का फोटो मंगवाया। उसका वेरीफिकेशन किया। वेरीफिकेशन होने के बाद कंपनी ने माना कि एक्सपायर्ड प्रोडक्ट बेचा गया। फिर इस एक्सपायर्ड दूध का रिफंड जारी कर देने का संदेशा आया।

सजग उपभोक्ता मोनिका का कहना है कि सरकार लोगों को जागरूक करने के लिए ‘जागो ग्राहक जागो’ अभियान चला रही है। एक तरफ सरकार अभियान चला रही है, दूसरी तरफ जेप्टो एक्सपायर्ड प्रोडक्ट बेच रही है। यदि वह या उसके परिवार के सदस्य इसे कंज्यूम कर लेते और उन्हें कुछ हो जाता तो फिर क्या होता? उनका कहना है कि भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 273 के मुताबिक इस तरह का सामान बेचना कानूनन जुर्म है। इसके लिए छह महीने तक के कैद की सजा हो सकती है।

यही नहीं, ऐसा करने वाले पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है। इसके साथ ही पैकेज्ड कमोडिटीज रेगुलेशन आर्डर 1975 और फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड एक्ट 2006 में भी एक्सपायर्ड सामान बेचने की मनाही है। इसलिए जेप्टो पर तो कार्रवाई होनी ही चाहिए। जेप्टो ने सिर्फ मोनिका के साथ ही ऐसा नहीं किया।

कंपनी ने दिल्ली निवासी गजेंद्र यादव को भी नियर टू एक्सपायर आटा बेच दिया। यादव अपनी आपबीती ट्वीटर या एक्स प्लेटफार्म पर साझा करते हुए लिखा कि ज़ेप्टो, मैंने ज़ेप्टो से 10 किलो गेहूं का ऑर्डर दिया। जो आटा आया, उसकी एक्सपायरी डेट आठ दिन बाद की है। 8 दिन में 10 किलो आटा कैसे खत्म करें? गजेंद्र यादव ने एक फोटो संलग्न करते हुए लिखा लगभग समाप्त हो चुका उत्पाद उन्हें 17 मई को प्राप्त हुआ।

इस पोस्ट के तूल पकड़ने के बाद, ज़ेप्टो ने जवाब दिया और उससे ऑर्डर का विवरण साझा करने के लिए कहा। उन्हें “अप्रिय अनुभव” पर भी “पछतावा” हुआ। कंपनी ने आगे लिखा कि उसकी टीम जल्द ही उनसे संपर्क करेगी। हालांकि, स्थिति तब बिगड़ गई जब यादव को कस्टमर केयर से कॉल आया। लाइन के दूसरी ओर मौजूद महिला ने उससे कहा कि “कुछ नहीं किया जा सकता” और उसे सात दिनों में गेहूं का पैकेट “खत्म” कर देना चाहिए।

तब यादव ने एक्स पर उनके पोस्ट का जवाब दिया और लिखा, “प्रिय आदित पालीचा, कैवल्य वोहरा, आपको अपनी ग्राहक सेवा के लिए सामान्य ज्ञान और तर्क पर कुछ प्रशिक्षण सत्र जोड़ने की आवश्यकता है। अगर आप एक्सपायरी के करीब उत्पाद बेचकर अपना व्यवसाय चला रहे हैं तो कम से कम अपने ऐप पर एक्सपायरी डेट दिखाएं।

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