टेलीग्राम, इंस्टाग्राम, और व्हाट्सएप से निवेश का लालच देकर हो रही है ठगी

मुंबई- टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिये अब बड़े पैमाने पर निवेश का लालच देकर ठगा जा रहा है। इस तरह के सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर उसमें लोगों को जोड़कर ऊंचे रिटर्न का झांसा दिया जा रहा है। जब सामने वाला सदस्य पैसा लगा देता है, तो उसे ठग कर ग्रुप से बाहर कर दिया जाता है। ऐसे बहुतेरे मामले सामने आने से लोग इसके झांसे में फंस रहे हैं।

जनवरी में एक 32 वर्षीय महिला टेलीग्राम चैनल से जुड़ी तो उसे ग्रुप के सदस्य अपनी रोज की कमाई साझा करते थे। एक गुरु स्टॉक टिप्स के साथ बाजार की सामग्री देते थे। इसी से महिला निवेश के लिए प्रेरित हुई। सौ रुपये की छोटी राशि से शुरू हुए निवेश से उनका पोर्टफोलियो तेजी से छह अंकों तक बढ़ गया। डैशबोर्ड पर शानदार रिटर्न दिखने लगा। बाद में जब उनका निवेश अचानक कम हो गया तो उनकी जमा राशि लगभग 25 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसके बाद सारे सदस्य ग्रुप से निकल गए।

इस ग्रुप में इस महिला के अलावा 200 अन्य संदिग्ध सदस्य थे। उनमें से अधिकांश निवेश करना चाह रहे थे लेकिन वे इस घोटाले का शिकार हो गए। बाद में पता चला कि इसी तर्ज पर कई घोटाले टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिये किए जा रहे हैं। घोटालेबाज ऊंचा रिटर्न का वादा कर लोगों को आकर्षित करते हैं। बाद में उनके खाते खाली कर देते हैं। एक साल में दिल्ली पुलिस ने ऐसे 100 से अधिक घोटालेबाजों को गिरफ्तार किया है। फिर भी ऐसे मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।

शातिर तरीके से चलाए जा रहे घोटालों में नकली वेबसाइटें, संदिग्ध ग्रुप और धोखाधड़ी वाले निवेश ऐप शामिल होते हैं। घोटालेबाजों के पास तकनीकी संसाधन हैं। उनके पास ऐसे व्यक्तियों के ग्रुप हैं जो डार्क वेब से सूचनाएं जुटाकर उनके खिलाफ इस्तेमाल करते हैं। साइबर सेल के एक वरिष्ठ पुलिसकर्मी ने कहा, घोटालेबाज मार्केटिंग साधन की मदद से बाजार में रुचि रखने वालों को ट्रैक करते हैं। वे कम समय में ज्यादा रिटर्न का लालच दिखाकर उन्हें मुफ्त स्टॉक की सलाह देते हैं।

ऐसे ठग अपना पैसा निकालने के इच्छुक निवेशकों के लिए मुश्किलें खड़ी करने लगते हैं। वे तकनीकी मुद्दों का हवाला देते हैं, जिससे लोगों के लिए अपने पैसे तक पहुँच ही मुश्किल हो जाए। ये ग्रुप ऐसे प्लेटफार्मों पर काम करते हैं जिन पर कोई रेगुलेशन नहीं होता है।

निवेश विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या बीमा जैसे वित्तीय बचत साधनों में कभी भी निवेश की गारंटी सही नहीं होती है। इस तरह का दावा भी नहीं किया जा सकता है। न तो इस तरह के दावे पर विश्वास करना चाहिए। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश करते वक्त सेबी में पंजीकृत या प्रमाणित सलाहकार से सलाह लें। खुद का रिसर्च करें। उसके बाद अपने निवेश का फैसला करें।

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