अब बार-बार केवाईसी सत्यापन से मिलेगा छुटकारा, सेबी के नियम का असर

मुंबई- पंजीकरण एजेंसियों के जरिये अब अपने आप केवाईसी का सत्यापन हो सकेगा। इससे निवेशकों को राहत मिलेगी। सेबी ने इसके लिए एजेंसियों को जोखिम प्रबंधन ढांचे को सरल बनाने को कहा है। इस फैसले से निवेशकों के लेनदेन में आसानी होगी।

सेबी ने एक सर्कुलर में कहा, केवाईसी यानी अपने ग्राहक को जाने का रिकॉर्ड रखने वाली केवाईसी पंजीकरण एजेंसियां (केआरए) आधिकारिक डेटाबेस से पैन, नाम, पता, ईमेल और मोबाइल नंबर का सत्यापन कर सकती हैं। यदि ये विवरण सही पाए जाते हैं, तो उन्हें सत्यापित रिकॉर्ड माना जाएगा।

इसका मतलब यह है कि अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं और आपके बैंक खाते या डीमैट खाते में केवाईसी है तो आपको म्यूचुअल फंड में केवाईसी देने की जरूरत नहीं है। जहां भी आपका केवाईसी होगा, वहीं से उसे सत्यापित कर लिया जाएगा। नए दिशानिर्देशों के तहत एक्सचेंजों, डिपॉजिटरी और संबंधित मध्यवर्ती इकाइयों को मई के अंत तक प्रणाली में जरूरी तकनीकी बदलाव करने का काम सौंपा गया है।

म्यूचुअल फंड कंपनियों, ब्रोकिंग फर्म और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा प्रदाताओं को निवेशक डेटा गोपनीयता और सुरक्षा के लिए मजबूत अनुपालन और जोखिम प्रबंधन ढांचे को लागू करना होगा। केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों में सीएएमएस केआरए, बीएसई केआरए, एनएसई केआरए जैसी संस्थाएं हैं। ये एजेंसियां ब्रोकर, एक्सचेंज और मध्यस्थों से जुटाई जानकारी के आधार पर व्यक्तियों के केवाईसी विवरण रखती हैं।

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