सरकारी बैंकों ने 2023-24 में कमाए रिकॉर्ड 1.42 लाख करोड़ का फायदा

मुंबई- सरकारी बैंकों ने वित्त वर्ष 2023-24 में अब तक का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है। कुल 12 बैंकों का फायदा 1,42,129 करोड़ रुपये रहा है। 2021-22 में 1.05 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड था। 2021-22 में 66,540 करोड़ रुपये था। इस दौरान केवल तीन बैंकों यूको, इंडियन ओवरसीज और पंजाब एंड सिंध बैंक के फायदे में गिरावट रही।

बैंकों के फायदे के जो कारण हैं वह यह कि सरकार ने चार आर की रणनीति लागू की है। इसमें एनपीए को पारदर्शी रूप से पहचानना, समाधान और वसूली, पुनर्पूंजीकरण और वित्तीय इकोसिस्टम में सुधार करना। इस रणनीति के तहत सरकार ने 2016-17 से 2020-21 के बीच कुल 3.11 लाख करोड़ रुपये की पूंजी बैंकों में डाली है। इससे बैंकों को मदद मिली।

बैंकों के मुनाफे का दूसरा कारण लगातार वसूली और बुरे फंसे कर्ज यानी एनपीए में कमी करना है। इसका असर यह हुआ कि वित्त वर्ष 2023-24 में सभी बैंकों का शुद्ध एनपीए 1.70 फीसदी से नीचे रहा। सबसे अधिक पंजाब एंड सिंध बैंक का 1.63 फीसदी एनपीए रहा। सबसे कम 0.20 फीसदी बैंक ऑफ महाराष्ट्र का रहा।

आंकड़ों के मुताबिक, कुल फायदे में से करीब आधा हिस्सा एसबीआई का रहा है। एसबीआई ने पूरे वित्त वर्ष में 61,077 करोड़ का फायदा कमाया है। इसमें 21 फीसदी की तेजी रही है। दूसरे स्थान पर बैंक ऑफ बड़ौदा रहा। इसने 18,676 करोड़ रुपये कमाए। तीसरे पर कैनरा बैंक रहा। इसका मुनाफा 37 फीसदी बढ़कर 14,554 करोड़ रुपये रहा है।

सबसे कम लाभ पंजाब एंड सिंध बैंक का रहा है। इसका फायदा 55 फीसदी घटकर 595 करोड़ रुपये रह गया। बैंक ऑफ इंडिया ने जहां 6,318 करोड़ का फायदा कमाया, वहीं पंजाब नेशनल बैंक ने 8,245 करोड़ का मुनाफा कमाया। इंडियन बैंक का लाभ 52 फीसदी बढ़कर 8,062 करोड़ और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का 56 फीसदी बढ़कर 4,005 करोड़ रुपये रहा है।

मार्च तिमाही में कुल 12 सरकारी बैंकों का मुनाफा 43,091 करोड़ रुपये के पार रहा है। मार्च, 2023 में यह 34,483 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही में सबसे अधिक फायदा एसबीआई का 20,698 करोड़ रहा। इसमें 24 फीसदी की तेजी रही। बैंक ऑफ महाराष्ट्र का लाभ 45 फीसदी, सेंट्रल बैंक का 41 फीसदी, इंडियन बैंक का 55 फीसदी और पीएनबी का फायदा करीब तीन गुना बढ़ा। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 5,132 करोड़ और कैनरा बैंक ने 3,757 करोड़ का लाभ कमाया।

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