पेटीएम के शेयरों की फिर हुई जमकर पिटाई, तीन दिन में 15 पर्सेंट तक टूटे

मुंबई- फिनटेक कंपनी पेटीएम के स्टॉक की फिर जमकर पिटाई हो रही है। यह तीन दिनों में 15 पर्सेंट तक टूट गया है। लगातार लोअर सर्किट लग रहा है। यह अब तक के अपने निचले स्तर पर पहुंच गया है।

8 मई के कारोबारी सत्र में पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्यूनिकेशंस (One 97 Communications) अपने ऐतिहासिक निचले स्टर 317.15 रुपये पर बंद हुआ है जो कि स्टॉक का रिकॉर्ड लो लेवल है। पेटीएम का शेयर सुबह 331 रुपये पर खुला और स्टॉक में 5 फीसदी की गिरावट के बाद शेयर 317.15 रुपये के लेवल पर जा लुढ़का।

बीते 10 कारोबारी सत्र से पेटीएम के शेयर में लगातार गिरावट देखने को मिली है। एक महीने पहले शेयर 422 रुपये पर कारोबार कर रहा था। और एक महीने में स्टॉक में 25 फीसदी गिरावट आ चुकी है। कंपनी के यूपीआई ट्रांजैक्शन में लगातार तीसरे महीने अप्रैल में गिरावट देखने को मिली है। अप्रैल में कंपनी 1117.13 मिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए जो कि मार्च के 1230.04 मिलियन ट्रांजैक्शन से 9 फीसदी कम है।

यूपीआई इकोसिस्टम में कंपनी की हिस्सेदारी फरवरी में 10.8 फीसदी से घटकर अप्रैल में 8.4 फीसदी रह गई है. आरबीआई की पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ कार्रवाई के बाद से ही यूपीआई ट्रांजैक्शन के वॉल्यूम में गिरावट दिखने लगी थी। वहीं पेटीएम के स्टॉक में निवेश करने वाले निवेशकों की मुश्किलें खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं।

कंपनी ने नवंबर 2021 में 2150 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आईपीओ में पैसा जुटाये थे। इन निवेशकों को अपने निवेश पर भारी नुकसान हो रहा है। इन निवेशकों के निवेश के वैल्यू में 85 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। निवेशकों को प्रति शेयर 1833 रुपये का नुकसान फिलहाल हो रहा है और फिलहाल संकट के बादल छंटने की सूरत नजर नहीं आ रही है।

पेटीएम का संकट 31 जनवरी 2024 से तब बढ़ गया जब आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नए ग्राहकों के जोड़ने पर रोक लगा दिया था। पेटीएम परबैंकिंग रेग्यूलेशन को लेकर अनियमितताएं बरतने का आरोप था. बार बार चेतावनी के बाद भी कम्पलायंस यानि अनुपालन का अभाव था। आरबीआई ने अपने आदेश में पेटीएम वॉलेट में पैसा डिपॉजिट करने से लेकर क्रेडिट ट्रांजैक्शन पर रोक लगाने का फैसला लिया था। पेटीएम वॉलेट में टॉप अप करने पर रोक लगा दी गई थी।

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