वॉशिंगटन डीसी को पछाड़ कर मुंबई व दिल्ली शीर्ष 50 धनी शहरों में शामिल

मुंबई-देश की दो प्रमुख राजधानियां दिल्ली और मुंबई वॉशिंगटन डीसी को पीछे छोड़कर दुनिया के शीर्ष 50 धनी शहरों में शामिल हो गई हैं। हेनले एंड पार्टनर्स की जारी यह रैंकिंग भारत की आर्थिक प्रगति और शहरी विकास को रेखांकित करती है। इन दोनों शहरों में उच्च नेटवर्थ वाले अमीरों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क सबसे धनी शहरों की लिस्ट में शीर्ष पर है। इसकी कुल संपत्ति 3 लाख करोड़ डॉलर से अधिक है। इस शहर में 3.49 लाख करोड़पति, 744 सेंटी-मिलियनेयर और 60 अरबपति हैं। एयर बीएनबी, एपल और नेटफ्लिक्स जैसे टेक दिग्गजों का शहर यही है। मुंबई और दिल्ली लिस्ट में 24वें और 37वें स्थान पर हैं। पिछले साल दिल्ली और मुंबई के साथ बंगलूरु, कोलकाता और हैदराबाद भी सूची में शामिल थे।

सैन फ्रांसिस्को और सिलिकॉन वैली सहित उत्तरी कैलिफोर्निया के खाड़ी क्षेत्र में पिछले दस वर्षों में संपत्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। टोक्यो पहले दुनिया का सबसे अमीर शहर हुआ करता था। वह अब अपने हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल की आबादी में कमी के कारण तीसरे स्थान पर आ गया है। सिंगापुर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। यहां मिलियनेयर की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। यह एशिया में एक प्रमुख वित्तीय हब के रूप में स्थापित हुआ है।

सूची में लंदन रैंकिंग में नीचे गिरकर पांचवें स्थान पर है। लॉस एंजिल्स अमीर निवासियों की बढ़ोतरी के साथ छठे स्थान पर आ गया है। पेरिस यूरोप का सबसे अमीर शहर बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया का सिडनी धन बढ़ोतरी से आठवें स्थान पर है। चीन के कई शहरों ने सूची में जगह बनाई है। बीजिंग पहली बार शीर्ष 10 में आया है। शेन्जेन में मिलियनेयर आबादी में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यह धनी लोगों के लिए सबसे तेजी से बढ़ने वाले शहर के रूप में पहचाना जाता है।

दुबई मध्य पूर्व का सबसे अमीर शहर है। आबूधाबी में विकास की संभावना दिख रही है। नैरोबी और केपटाउन अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में भविष्य के दावेदार के रूप में उभर रहे हैं।

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