आरबीआई की कड़ाई से टेक्नोलॉजी पर अब 10 फीसदी खर्च बढ़ाएंगे बैंक

मुंबई- डिजिटल लेनदेन में वृद्धि से बैंक अब कुल परिचालन खर्च का 10 फीसदी हिस्सा टेक्नोलॉजी पर खर्च कर सकते हैं। आधे दर्जन बैंकों का कहना है कि वे अच्छी सुविधा देने के लिए खर्च बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। टेक्नोलॉजी में आ रही दिक्कत से आरबीआई ने हाल में कई बैंकों पर जुर्माना लगाया है।

बैंक पहले टेक्नोलॉजी पर कुल परिचालन खर्च का 6 से 8 फीसदी के बीच खर्च कर रहे थे। यह वैश्विक औसत 10 से 12 फीसदी की तुलना में आधा ही है। पांच बैंकरों ने कहा कि आरबीआई ने अक्सर बैंकों को तकनीक से संबंधित गड़बड़ियों को कम करने का निर्देश दिया है, क्योंकि इससे लेनदेन की क्षमता बाधित होती है।

गार्टनर का अनुमान है कि भारत की बैंकिंग और निवेश सेवा फर्मों ने 2023 में प्रौद्योगिकी पर 11.3 अरब डॉलर खर्च किया है। अधिकांश बैंकों की कोर बैंकिंग प्रणालियां काफी पुरानी हो चुकी हैं। इसलिए वे अब यह आकलन कर रहे हैं कि क्या प्रणालियाँ डिजिटल गतिविधि में वृद्धि को संभाल सकती हैं। इंडसइंड बैंक के सीईओ सुमंत कथपालिया ने कहा, क्षमताओं से मेल खाने के लिए ऑनलाइन, रीयल टाइम सिस्टम बनाना होगा। हम वर्तमान में आईटी पर लगभग 8-10 फीसदी खर्च कर रहे हैं।

बैंकरों ने कहा कि बढ़ा हुआ निवेश कोर सिस्टम को अपग्रेड करेगा। यह बैंकिंग परिचालन की रीढ़ है। साथ ही, डिजिटल धोखाधड़ी की बेहतर निगरानी, ग्राहक डेटा की सुरक्षा और ग्राहक सत्यापन के लिए तकनीक-संचालित प्रक्रियाओं पर काम करेगा। आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस, यस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे अन्य बैंकों ने हाल ही में कहा कि वे बढ़ती डिजिटल गतिविधि से निपटने के लिए आईटी खर्च बढ़ाएंगे।

भारत में किए जाने वाले सभी भुगतानों में से 40 फीसदी से अधिक भुगतान डिजिटल होते हैं। इसके साथ ही इसमें बाधाएं भी बढ़ गई हैं। बैंकों के साथ चर्चा में आरबीआई ने पाया कि डिजिटल बैंकिंग लेनदेन की वृद्धि को संभालने के लिए बैंकिंग प्रणाली पर्याप्त रूप से तैयार नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल लेनदेन बढ़ने से टेक्नोलॉजी को लगातार अपग्रेड करने और उस पर खर्च करने की जरूरत है। पिछले महीने आरबीआई ने कोटक बैंक पर नए क्रेडिट कार्ड जारी करने व ऑनलाइन व मोबाइल बैंकिंग से ग्राहक जोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब बैंक 400 इंजीनियरों की भर्ती करने की योजना बनाया है। इसके पहले एचडीएफसी बैंक पर भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है।

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