स्मॉल और मिड कैप फंडों का बुरा हाल, शेयर बाजार से भी कम रिटर्न दे रहे

मुंबई-कई महीनों से लगातार बेंचमार्क को मात दे रहे स्मॉल कैप म्यूचुअल फंडों का रिटर्न प्रभावित होने लगा है। पिछले महीने यानी अप्रैल 2024 में तो स्मॉल कैप कैटेगरी के लगभग सभी म्यूचुअल फंडों का रिटर्न उनके बेंचमार्क की तुलना में कम रहा।

अप्रैल महीने के दौरान लगभग 93 फीसदी स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड अपने बेंचमार्क को मात देने में असफल रहे। पिछले महीने इस कैटेगरी में सिर्फ 2 ही फंड ऐसे रहे, जिन्होंने अपने बेंचमार्क से बेहतर रिटर्न दिया। अप्रैल महीने में स्मॉल कैप कैटेगरी में बाजार में उपलब्ध म्यूचुअल फंडों की कुल संख्या 27 रही, जिनमें से 25 के रिटर्न उनके बेंचमार्क की तुलना में कम रहे।

स्मॉल कैप कैटेगरी के म्यूचुअल फंड दो बेंचमार्क को फॉलो करते हैं। एक बेंचमार्क एसएंडपी बीएसई 250 स्मॉल कैप – टीआरआई (S&P BSE 250 Small Cap – TRI) है, जबकि दूसरा बेंचमार्क निफ्टी स्मॉलकैप 250 – टीआरआई (Nifty Smallcap 250 – TRI) है। अप्रैल महीने के दौरान जहां एसएंडपी बीएसई 250 स्मॉल कैप – टीआरआई का प्रदर्शन 6.58 फीसदी रहा, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 250 – टीआरआई ने 7.20 फीसदी का रिटर्न दिया।

अप्रैल महीने में जो दो स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड अपने बेंचमार्क को मात देने में सफल रहे, उनमें बंधन स्मॉल कैप फंड और टाटा स्मॉल कैप फंड शामिल रहे। महीने के दौरान बंधन स्मॉल कैप फंड ने अपने बेंचमार्क एसएंडपी बीएसई 250 स्मॉल कैप – टीआरआई के 6.58 फीसदी की तुलना में 6.98 फीसदी का रिटर्न दिया. वहीं टाटा स्मॉल कैप फंड ने अपने बेंचमार्क निफ्टी स्मॉलकैप 250 – टीआरआई के 7.20 फीसदी की तुलना में 7.53 फीसदी का रिटर्न दिया।

दरअसल स्मॉल कैप और मिड कैप कैटेगरी के शेयरों की चाल पर हाल में असर देखने को मिला है। पहले ये दोनों कैटेगरी प्रमुख सूचकांकों से लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन बबल होने की आशंकाओं से इनके प्रदर्शन पर असर हुआ है. इससे स्मॉल कैप फंडों में इनफ्लो पर भी असर दिख रहा है।

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