अधूरे केवाईसी के कारण 1.3 करोड़ म्यूचुअल फंड खातों पर सेबी की लगी रोक

नई दिल्ली। अधूरे केवाईसी के कारण लगभग 1.3 करोड़ म्यूचुअल खातों पर सेबी ने रोक लगा दी है। इन खातों धारकों ने केवाईसी के रूप में गैर-आधिकारिक वैध दस्तावेज जमा किए हैं। केवाईसी पंजीकरण संस्थाओं (केआरए) के अनुसार, इस साल एक अप्रैल से ऐसे खातों से निकासी फ्रीज कर दी जाएगी, जिनमें केवाईसी नहीं हैं या अधूरे हैं।

कई निवेशकों के पैन आधार के साथ लिंक नहीं हैं। ऐसे ग्राहकों ने केवाईसी के नाम पर बिजली बिल या बैंक खाते जैसे दस्तावेज जमा कराए हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों को अब केवाईसी के रूप में नहीं माना जा रहा है। म्यूचुअल फंड में पैन और आधार का लिंक होना जरूरी है। लगभग 11 करोड़ निवेशकों में से लगभग 7.9 करोड़ के पास वैध केवाईसी है। 1.6 करोड़ निवेशकों के केवाईसी पंजीकृत श्रेणी में हैं। जिनकी निवेश तक सीमित पहुंच है। कुल खातों में से 12 फीसदी ग्राहक डीमैट म्यूचुअल फंड खातों का संचालन नहीं कर पा रहे हैं।

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त म्यूचुअल फंड खातों के लिए नॉमिनी के नियम को वैकल्पिक बना दिया है। साथ ही, फंड हाउस को अब जिंस और विदेशी निवेश की निगरानी के लिए एक ही फंड मैनेजर रखने की मंजूरी मिल गई है। इससे फंड हाउसों की लागत घटेगी। इससे नामांकन की प्रक्रिया आसान होगी। सभी मौजूदा व्यक्तिगत म्यूचुअल फंड धारकों के लिए नॉमिनी की आखिरी तारीख 30 जून 2024 तय की है। यदि इसका पालन नहीं होता है तो ऐसे खाते फ्रीज हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *