ओला कैब के सीईओ का केवल 3 माह में इस्तीफा, 200 की नौकरी खतरे में

मुंबई- भारत में कैब एग्रीगेटर कंपनी ओला कैब्स (Ola Cabs) के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) हेमंत बख्शी ने 29 अप्रैल को पद से इस्तीफा दे दिया। उनका यह इस्तीफा महज चार महीने के भीतर आया है। उन्होंने 27 जनवरी को ANI Technologies के स्वामित्व वाली कंपनी को जॉइन किया था।

बख्शी का यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब कंपनी बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि कंपनी अगले दो से तीन महीने के भीतर मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास IPO के लिए ड्रॉफ्ट पेपर फाइल करेगी। अगर सेबी की तरफ से मंजूरी मिल जाती है तो कंपनी जल्द ही IPO ला सकती है। माना जा रहा है कि कंपनी इसके जरिये 50 करोड़ डॉलर जुटाना चाहती है। कंपनी ने 2021 में भी 100 करोड़ डॉलर जुटाने के लिए IPO लाने की कोशिश की थी, लोकिन नाकाम रही।

हाल ही में इंटरनैशनल मार्केट से एग्जिट करने का ऐलान करने के बाद अब ओला कैब्स (Ola Cabs) अब 10 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी भी करने जा रही है। ओला कैब्स की इस छंटनी से करीब 200 कर्मचारी प्रभावित होंगे।

हेमंत बख्शी ओला कैब जॉइन करने से पहले हिंदुस्तान यूनिलिवर लिमिटेड (HUL) में कार्यकारी अधिकारी थे। ओला कैब्स के CEO बनने के बाद उन्होंने कहा था कि वे रात में कभी-कभी कस्टमर्स का एक्सपीरिएंस औप सुझाव जानने के लिए कैब ड्राइवर के तौर पर निकल जाते हैं।

बेंगलूरु में वीकेंड के दौरान कभी-कभी कैब ड्राइवर को रोल निभाने वाले हेमंत बख्शी मार्केट प्लेस के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और Unilever Indonesia के चेयरमैन भी रह चुके हैं। उन्होंने IIM अहमदाबाद और IIT बांबे से पढ़ाई की है।

बता दें कि जब बख्शी ने ओला कैब्स में CEO का पद संभाला था तो उस समय कंपनी रणनीतिक सुधार के दौर से गुजर रही थी। ओला कैब्स ने इसके तहत कंपनी को तीन इकाइयों में बांट दिया था, जिसमें राइड-हेलिंग और मोबिलिटी, फाइनैंशियल सर्विसेज, और लॉजिस्टिक्स ऐंड ई-कॉमर्स शामिल था। ओला के फाउंडर और तत्कालीन CEO भाविश अग्रवाल ने ऑपरेशन को बेहतर बनाने के लिए CEO पद से इस्तीफा दे दिया था।

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