देश के इस मंदिर में सबसे ज्यादा सोना, भक्तों ने जमकर किया पिछले साल दान

मुंबई- सोने की कीमत में रेकॉर्ड तेजी के बावजूद तिरुपति बालाजी के भक्तों ने पिछले साल जमकर दान दिया। दुनिया के सबसे अमीर हिंदू मंदिर को साल 2023 में 1,031 किलो सोने का चढ़ावा मिला जिसकी कीमत करीब 773 करोड़ रुपये है। तिरुपति ट्रस्ट के पास कुल 11,329 किलो सोना है जिसकी कीमत करीब 8,496 करोड़ रुपये है। ट्रस्ट ने इसे गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम के तहत विभिन्न बैंकों में जमा कर रखा है।

तिरुपति के भक्त चढ़ावे के रूप में कैश और गोल्ड देना पसंद करते हैं। साथ ही मंदिर से जुड़े विभिन्न ट्रस्टों ने बैंकों में 13,287 करोड़ रुपये एफडी के रूप में जमा किए हैं जिस पर सालाना 1,600 करोड़ रुपये का ब्याज मिलता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल, 2024 तक तिरुपति ट्रस्ट के पास रेकॉर्ड 18,817 करोड़ रुपये का कैश बैलेंस है।

तिरुपति बालाजी मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने इस साल 1,161 करोड़ रुपये की एफडी कराई है जो पिछले 12 साल में सबसे ज्यादा है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले 12 साल में केवल तीन बार ही ट्रस्ट के द्वारा कराई गई एफडी की रकम 500 करोड़ रुपये से कम रही। साल 2021 और 2022 में कोरोना महामारी के कारण मंदिर की कमाई प्रभावित हुई थी।

ट्रस्ट ने 2024-25 के लिए 5,141.74 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। यह पहला मौका है जब ट्रस्ट का बजट 5,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचा है। तिरुपति बालाजी मंदिर आंध्र प्रदेश में स्थित है। ट्रस्ट को प्रसादम की बिक्री से 600 करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान है। इसी तरह दर्शन टिकट से 338 करोड़ रुपये, कर्मचारियों को दिए गए लोन और एडवांसेज से 246.39 करोड़ रुपये की उम्मीद है।

ट्रस्ट को 129 करोड़ रुपये अन्य पूंजी प्राप्तियों से, 150 करोड़ रुपये अर्जित सेवा टिकट से, 151.5 करोड़ रुपये कल्याणकत्ता रिसीट से और 147 करोड़ रुपये कल्याण मंडपम रिसीट से मिलने का अनुमान है। साथ ही ट्रस्ट रिसीट से 85 करोड़ रुपये, रेंट, इलेक्ट्रिक और अन्य रिसीट के रूप में 60 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसी तरह टोल फी कलेक्शन के रूप में 74.5 करोड़ रुपये और 35.25 करोड़ रुपये पब्लिकेशन रिसीट के रूप में मिलने का अनुमान है। इसी तरह चढ़ावे के रूप में 1,611 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।

बजट के मुताबिक ट्रस्ट 1,733 करोड़ रुपये एचआर पेमेंट्स के रूप में खर्च करेगा जो पूरे साल के हुंडी कलेक्शन से 122 करोड़ रुपये ज्यादा है। इसी तरह ट्रस्ट 751 करोड़ रुपये मटीरियल्स की खरीद पर और 750 करोड़ रुपये कॉर्पस और दूसरे इन्वेस्टमेंट पर खर्च करेगा। 350 करोड़ रुपये इंजीनियरिंग वर्क्स और 53 करोड़ रुपये श्रीनिवास सेतु के काम के लिए रखे गए हैं। 60 करोड़ रुपये एसवीआईएमएस हॉस्पिटल में इंजीनियरिंग के काम पर खर्च होंगे जबकि अस्पताल को 80 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। 190 करोड़ रुपये इंजीनियरिंग मेंटनेंस के काम पर खर्च होंगे और 80 करोड़ रुपये फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज में यूज होंगे।

बजट के अनुसार टीटीडी 113.5 करोड़ रुपये विभिन्न संस्थानों को अनुदान के रूप में देगा। 108.5 करोड़ रुपये हिंदू धर्म प्रचार परिषद को मिलेंगे। लोन और एंडवास पर 166.63 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। 100 करोड़ रुपये पेंशन और ईएचएस फंड कंट्रीब्यूशन के लिए दिए जाएंगे जबकि 62 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिकल चार्जेज के लिए होंगे। पब्लिकेशंस और एडवरटाइजमेंट में 10 करोड़ रु।

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