दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में 7 मिनट में 27 किलोमीटर कर सकेंगे यात्रा

मुंबई- अगले दो सालों में राजधानी दिल्‍ली में ट्रैफिक का पूरा सीन बदल सकता है। लोग आसमान में उड़ती ‘एयर टैक्सियां’ देखेंगे। दरअसल, लो-कॉस्ट एयरलाइन इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज और अमेरिका की आर्चर एविएशन आने वाले दो सालों में भारत में ‘ऑल-इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सर्विस’ शुरू करने की योजना बना रहे हैं। ये भविष्य की एयर टैक्सियां दिल्ली के कॉनॉट प्लेस से हरियाणा के गुरुग्राम तक यात्रियों को सिर्फ 7 मिनट में पहुंचाएंगी।

एयर टैक्सी सर्विस के साल 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। इनसे लोगों को सड़क मार्ग से लगभग 27 किलोमीटर की कनॉट प्लेस से गुरुग्राम के बीच की दूरी सिर्फ 7 मिनट में तय करने की सुविधा मिलेगी।

रिपोर्टों के अनुसार, आर्चर एविएशन ने 200 ‘इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) विमान’ उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इन 200 विमानों में से प्रत्येक में 12 ‘रोटर’ लगे हैं। इनकी कुल लागत लगभग 8,337 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इन उन्नत विमानों में एक पायलट के अलावा 4 यात्रियों को बैठाने की क्षमता होगी। ये हेलीकॉप्टरों की तरह काम करेंगे। हालांकि, इनमें शोर का स्तर कम होगा। सुरक्षा उपाय भी बेहतर होंगे।

राष्ट्रीय राजधानी के अलावा शुरुआत में मुंबई और बेंगलुरु में भी ऐसी ही सेवाएं शुरू होने का अनुमान है। आर्चर एविएशन के संस्थापक और सीईओ एडम गोल्डस्टीन ने बताया है कि वर्तमान में अमेरिकी नियामक संस्था ‘फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए)’ के साथ चर्चा चल रही है। इसके विमान के लिए प्रमाणन प्रक्रिया अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। एफएए से प्रमाणन प्राप्त करने के बाद भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए अपनी प्रमाणन प्रक्रिया शुरू करेगा।

कनॉट प्‍लेस से गुरुग्राम के बीच 27 किलोमीटर की सामान्य यात्रा के लिए आमतौर पर कार से लगभग 1500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसे पूरा करने में लगभग 1.30 घंटे लगते हैं। ट्रैफिक की स्थिति पर भी काफी कुछ निर्भर करता है। इसके चलते अवधि बढ़ भी सकती है। प्रस्‍तावित एयर टैक्सी सर्विस का मकसद यात्रियों को कॉनॉट प्लेस से गुरुग्राम तक सिर्फ 7 मिनट में पहुंचाना है। इसका अनुमानित किराया लगभग 2,000-3,000 रुपये होगा।

गोल्डस्टीन ने बताया कि भारत में यह सेवा 2026 तक शुरू हो जाएगी। परिचालन गतिविधियों के लिए 200 ‘मिडनाइट विमानों’ को तैनात करने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रिक विमान में ‘छह बैटरी पैक’ होंगे। ये 30-40 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो जाएंगे। इसके मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी निखिल गोयल ने बताया कि एक मिनट चार्ज का मतलब मोटे तौर पर एक मिनट की उड़ान है।

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