पुरानी बीमारियों में तीन साल से ज्यादा नहीं होगी हेल्थ बीमा की वेटिंग अवधि

मुंबई- स्वास्थ्य बीमा में बड़ा बदलाव किया गया है। अब अगर कोई पुरानी बीमारी आपको है और स्वास्थ्य बीमा लिया है तो वेटिंग अवधि तीन साल यानी 36 महीने से ज्यादा नहीं होगी। पहले यह 48 महीने की थी। यह नियम एक अप्रैल से लागू हो गया है।

बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडाई) ने कहा है कि पहले से हुई किसी बीमारी (पीईडी) की जांच बीमा कंपनी द्वारा जारी पॉलिसी के प्रारंभ होने की तारीख से 36 महीने पहले फिजिशियन द्वारा किया जाता है। या चिकित्सा सलाह या उपचार की सिफारिश की गई है तो ऐसे मामलों में वेटिंग अवधि 36 माह से ज्यादा नहीं होगी।

इरडाई के मुताबिक, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के शुरू होने से 36 महीने तक की अवधि के दौरान उल्लिखित बीमारियां या इलाज (दुर्घटना के कारण को छोड़कर) कवर नहीं किए जाते हैं। अवधि पूरी होने पर इन बीमारियों/ उपचारों को कवर किया जाएगा, बशर्ते पॉलिसी को बिना किसी रुकावट के लगातार नवीनीकरण किया गया हो।

बीमित व्यक्तियों द्वारा पहले की बीमारियों को बीमा लेते समय बताना जरूरी है। इस आधार पर बीमा कंपनी स्वास्थ्य बीमा उत्पादों में पहले से मौजूद बीमारी की प्रतीक्षा अवधि और विशिष्ट प्रतीक्षा अवधि को कम करने का प्रयास कर सकती हैं। हालांकि, यह नियम विदेशी यात्रा पॉलिसियों के लिए लागू नहीं होगा।

नियामक ने कहा है कि बीमा कंपनियों को सरल और आसान उत्पाद पेश करने की जरूरत है, जो पॉलिसीधारक को समझ में आ जाए। इनके शब्दों, कवरेज और शर्तों में पारदर्शिता और स्पष्टता हो। प़ॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा हो। उत्पादों से संबंधित सभी जोखिमों पर मूल्य निर्धारण में उचित रूप से विचार किया जाए।

इरडाई ने कहा कि प्रीमियम की दरें उचित हों। अनुचित भेदभावपूर्ण नहीं हों और बीमाधारकों के प्रीमियम का सही मूल्य दें। इसके साथ ही सभी जोखिम उठाने की क्षमता हो। कोई ऐसे उत्पाद, जिन्हें जरूरी हो तो वापस ले लिया जाए। सभी उत्पादों की साल में एक बार अक्चुअरी द्वारा समीक्षा करना जरूरी है।

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