मार्च में म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों के निवेश में 16 फीसदी की कमी

मुंबई- पूंजी बाजार नियामक सेबी की ओर से मिड और स्मॉलकैप शेयरों में संभावित बुलबुले की चेतावनी के बाद निवेशकों ने इन स्कीमों से पैसे निकालना शुरू कर दिया है। ढाई साल में पहली बार स्मॉलकैप से निकासी हुई है। मार्च में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 16 फीसदी घटकर 22,633 करोड़ रुपये रह गया है। फरवरी में 26,866 करोड़ रुपये था। बावजूद इसके लगातार 37वें महीने इक्विटी में निवेश आया है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, माच में कुल 1.6 लाख करोड़ निकाले गए हैं। इक्विटी फंड में स्मॉलकैप को छोड़कर सभी कैटेगरी में निवेश आया है। सबसे अधिक 7,918 करोड़ का निवेश थीमेटिक फंड में आया है। लार्ज और मिडकैप में 3,215 करोड़ रुपये का निवेशशाया है। फ्लैक्सीकैप में 2,738 करोड़ का निवेश रहा है। स्मॉलकैप से 94 करोड़ रुपये निकाले गए हैं। 2023-24 में इसमें 40,188 करोड़ रुपये आये थे।

एसआईपी से निवेश रिकॉर्ड 19,270 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। फरवरी में यह 19,187 करोड़ था। आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में डेट फंड से 1.98 लाख करोड़ रुपये निकाले गए। फरवरी में इसमें 63,809 करोड़ आया था। डेट में सभी कैटेगरी से पैसे निकाले गए हैं। लिक्विड फंड से रिकॉर्ड 1.57 लाख करोड़ रुपये निकाले गए हैं। फरवरी में इसमें 83,642 करोड़ रुपये आया था।

अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन से 9,134 करोड़ निकाले गए हैं। हाइब्रिड में निवेश 69 फीसदी घटकर 5,584 करोड़ रुपये रह गया है। गोल्ड ईटीएफ में 373 करोड़ का निवेश आया है। इंडेक्स फंड में 1,822 करोड़ रुपये आए हैं। मार्च में कुल 19 ओपन एंडेड नए फंड ऑफरों से 3,827 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं।

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