इन्वेस्को एएमसी ने बेचा 60 फीसदी हिस्सा, संयुक्त उपक्रम में करेगी काम

नई दिल्ली। दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी और 133 लाख करोड़ रुपये की एयूएम वाली इन्वेस्को की भारतीय इकाई इन्वेस्को एसेट मैनेजमेंट इंडिया 60 फीसदी हिस्सा बेच दी है। यह हिस्सा इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (आईआईएचएल) को बेचा गया है। दोनों कंपनियां अब एक भागीदार के रूप में काम करेंगी। हालांकि सौदे के मूल्य का खुलासा नहीं किया गया है।

इन्वेस्को इंडिया के पास संयुक्त उपक्रम में 40 फीसदी हिस्सा होगा। आईआईएचएल इंडसइंड बैंक की कंपनी है। इन्वेस्को भारत में 17वीं सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। इसका 853 अरब रुपये एयूएम है। आईआईएचएल के चेयरमैन अशोक हिंदुजा ने कहा, इस भागीदारी से हमारे कारोबार के सिद्धांत और दर्शन को एक समान लाने में मदद मिलेगी।

इन्वेस्को ने 2008 में भारत में कारोबार शुरू किया था। इसने लोटस इंडिया को खरीदा था। इसके पास 16 लाख खुदरा निवेशक फोलियो है। कंपनी के सीईओ सौरभ नानावटी ने कहा, नए उपक्रम में हम आगे भी नेतृत्व करेंगे। प्रबंधन की टीम भी वही रहेगी। हालांकि, अभी सारी नियामकीय मंजूरियां लेनी बाकी हैं।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पेगाट्रान में हिस्सा खरीदने के लिए बात कर रही है। जुलाई-अगस्त तक इस सौदे को पूरा कर लिया जाएगा। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने पहले ही विस्ट्रॉन की बंगलुरू यूनिट को 12.5 करोड़ डॉलर में खरीद लिया है। विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन दोनों एपल के लिए आईफोन बनाती हैं। एपल भारत में अगले चार पांच वर्षों में उत्पादन को पांच गुना बढ़ाना चाहती है।

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