आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और निप्पॉन ने वेदांता के शेयर में बढ़ाई हिस्सेदारी

मुंबई- अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक के साथ ही अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), और घरेलू म्यूचुअल फंडों में आईसीआईसीआई म्यूचुअल फंड तथा निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने पिछले चार महीनों में वेदांता में अपनी हिस्सेदारी करीब दो प्रतिशत बढ़ाई है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने वेदांता ग्रुप में अपनी हिस्सेदारी 1.2 प्रतिशत बढ़ा दी। विभाजन योजनाओं, कर्ज कम करने की कोशिश और धातुओं की बढ़ती कीमतों के कारण वेदांता के शेयर हाल में तेजी से चढ़े हैं। ऐसे में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फंडों की दिलचस्पी भी इसकी ओर बढ़ी है। ब्लैकरॉक इंक के सीईओ लैरी फिंक को दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान माना जाता है। इसकी वजह ब्लैकरॉक दुनिया में 10 ट्रिलियन डॉलर का एसेट मैनेज करती है। भारत की जीडीपी का करीब ढाई गुना और अमेरिका की जीडीपी का आधा है।

एक विदेशी ब्रोकरेज हाउस के डीलर के अनुसार वेदांता में खरीदारी में काफी रुचि देखी गई है। कई विदेशी और घरेलू निवेशकों ने मजबूत बुनियाद के कारण अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसके चलते दिसंबर के बाद से वेदांता का बाजार पूंजीकरण लगभग तीन अरब अमेरिकी डॉलर बढ़ा है। वेदांता लिमिटेड के शेयर पांच अप्रैल को तीन फीसदी से अधिक तेजी के साथ 322 रुपये पर पहुंच गया जो इसका 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर है।

पिछले पांच ट्रेडिंग सत्रों (1 अप्रैल से 5 अप्रैल) में इसमें 15% से अधिक तेजी आई है। वैश्विक स्तर पर धातुओं की कीमत में कई कारणों से तेजी आई है। चीन से मजबूत औद्योगिक आंकड़ों ने छह महीने में पहली बार विनिर्माण गतिविधि में विस्तार का संकेत दिया है।

चूंकि चीन कई धातुओं का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, इसलिए मजबूत आर्थिक आंकड़ों के कारण वेदांता जैसे धातु शेयरों में तेजी आई है। वेदांता लौह अयस्क, इस्पात, तांबा और एल्यूमीनियम की एक प्रमुख उत्पादक और आपूर्तिकर्ता है। ब्लैकरॉक का निवेश बढ़ाने का मतलब है कि वेदांता सही रास्ते पर आगे बढ़ रही है। ब्लैकरॉक की हैसियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि दुनिया के कुल शेयरों और बॉन्ड्स का 10 फीसदी यही कंपनी संभालती है।

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