रामदेव के हाथ से निकल सकती है कंपनी, पुणे की कंपनी मार सकती है बाजी

मुंबई-डिफेंस सेंट्रिक सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी रोल्टा इंडिया को खरीदने के लिए बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने 830 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था। लेकिन पुणे की कंपनी अशदान प्रॉपर्टीज ने 850 करोड़ रुपये का ऑफर देकर पतंजलि को पछाड़ दिया है। इस तरह यह कंपनी रोल्टा इंडिया को खरीदने की होड़ में सबसे आगे निकल गई है।

पतंजलि और अशदान के अलावा एमजीएन एग्रो प्रॉपर्टीज भी रेस में थी। सूत्रों के मुताबिक अशदान प्रॉपर्टीज की बोली मिलने के बाद लेनदारों की समिति (CoC) ने एक और दौर की बोली नहीं कराने का फैसला किया है।

एक सूत्र ने कहा कि अशदान ने फरवरी में एनसीएलटी के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें नए बोलीदाताओं को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा करने के लिए समय दिया गया था। जब एनसीएलएटी में इसकी सुनवाई चल रही थी तो अशदान ने अपना ऑफर बढ़ा दिया। इसके बाद सीओसी ने अदालत में एक हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया कि समय की बचत के लिए किसी भी नई योजना पर विचार नहीं किया जाएगा।

इस हफ्ते अशदान के ऑफर पर वोटिंग होगी। रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल ममता बिनानी ने टिप्पणी के लिए ईमेल का जवाब नहीं दिया। अशदान की बोली से सभी लेनदारों के लिए केवल 6% वसूली और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में सिक्योर्ड क्रेडिटर्स के लिए 12% वसूली हुई है।

फरवरी में एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने लेनदारों को रोल्टा के लिए फिर से बोली लगाने की अनुमति दी थी। इसकी वजह यह थी कि बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने बोली जमा करने की समयसीमा समाप्त होने के बाद ऑफर देने के लिए याचिका दी थी। इस याचिका के सफल होने के बाद वेलस्पन ग्रुप की एमजीएन एग्रो प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और मुंबई की बी-राइट रियल एस्टेट को भी बोली लगाने की मंजूरी मिल गई थी। पतंजलि ने जनवरी के अंत में 830 करोड़ रुपये का नकद प्रस्ताव दिया था जबकि अशदान की 760 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। अशदान ने इसे चुनौती दी थी।

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