प्रतिद्वंदी अंबानी-अदाणी एक साथ, रिलायंस ने अदाणी पावर में खरीदी हिस्सा

मुंबई- मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी पहली बार समझौता किए हैं। अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अदाणी के मध्यप्रदेश पावर परियोजना में 26 फीसदी हिस्सा खरीदी है। इसके जरिये कैप्टिव उपयोग के लिए संयंत्रों की 500 मेगावाट बिजली का उपयोग करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह पहला मौका है जब दो कॉम्पिटिटिव बिलेनियर इंडस्ट्रियलिस्ट के बीच किसी तरह की पार्टनरशिप हुई है।  

रिलायंस ने अदाणी पावर की महान एनर्जेन लि. में 5 करोड़ शेयर खरीदे हैं। इसे 10 रुपये के भाव पर 50 करोड़ में खरीदा गया है। दोनों कारोबारी मीडिया, ग्रीन एनर्जी और रिन्यूएबल सहित कई सेक्टरों में प्रतिद्वंदी हैं।

अदाणी जहां 2030 तक दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादक बनना चाहते हैं, वहीं अंबानी भी गुजरात के जामनगर में चार गीगाफैक्टरी लगा रहे हैं। इसमें सोलर पैनल, बैटरीज और ग्रीन हाइड्रोजन सहित अन्य गतिविधियां होंगी। अदाणी तीन गीगा फैक्टरी बना रहे हैं जिसमें सोलर मॉड्यूल, विंड टर्बाइन और हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलीजर के कारोबार होंगे।

रिलायंस भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है, जिसका मार्केट कैप 20.14 लाख करोड़ रुपए है। 31 मार्च 2023 के अनुसार, रिलायंस का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9.75 लाख करोड़ रुपए है। नकद लाभ 1,25,951 करोड़ रुपए और नेट प्रॉफिट 73,670 करोड़ रुपए है।

रिलायंस अभी हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, एडवांस मटेरियल और कंपोजिट, रिन्यूएबल एनर्जी (सोलर और हाइड्रोजन), रिटेल और डिजिटल सर्विस प्रोवाइड करने का काम करती है।

गौतम अडाणी का अडाणी पावर भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। कंपनी ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट में बताया है कि हमारी बिजली उत्पादन कैपेसिटी 15,250 मेगावाट है, जिसमें गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में थर्मल पावर प्लांट और गुजरात में 40 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट शामिल हैं

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