एफआईआई निवेश में हमारा बाजार तीसरे स्थान पर, दिया 25 पर्सेंट रिटर्न

मुंबई- विदेशी निवेश पाने में भारतीय शेयर बाजार पिछले एक साल में तीसरे स्थान पर रहा है। इसी दौरान रिटर्न देने में यह प्रमुख बाजारों में दूसरे स्थान पर रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च, 2023 से इस साल 18 मार्च तक हमारे बाजार में कुल 26 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया है। इस दौरान इसने 25 फीसदी का रिटर्न दिया है।

हालांकि, भारतीय बाजार से ज्यादा रिटर्न तुर्किये, रूस और अर्जेंटीना के बाजारों ने दिया है। लेकिन यहां पर विदेशी निवेश काफी कम है। तुर्किये के बाजार ने जहां 70 फीसदी का रिटर्न दिया, रूस ने 42 फीसदी और अर्जेंटीना के बाजार ने चार गुना का रिटर्न दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की तेज विकास दर और तीसरी तिमाही में अनुमान से ज्यादा जीडीपी ने बाजार को मजबूती दी है।

आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में चीन के शेयर बाजार से 67 अरब डॉलर की रकम विदेशी निवेशकों ने निकाला है। इस दौरान इसके बाजार में पांच फीसदी की गिरावट आई है। यूके के बाजार से 21 अरब डॉलर निकला है। हालांकि बाजार ने पांच फीसदी का रिटर्न दिया है। जर्मनी के बाजार से विदेशी निवेशकों ने 17 अरब डॉलर, दक्षिण अफ्रीका के बाार से 9 अरब डॉलर और थाईलैंड के बाजार से पांच अरब डॉलर की निकासी हुई है।

थाईलैंड के बाजार ने 11 फीसदी का घाटा दिया है। हालांकि, जर्मनी ने 21 फीसदी का रिटर्न दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्जेंटीना और तुर्किये के शेयर बाजारों ने भले ही भारतीय बाजार से ज्यादा फायदा दिया है, पर यहां महंगाई की दर ज्यादा है। ऐसे में आगे यह बाजार इसी दर से रिटर्न देंगे, यह कहना मुश्किल है।

भारत में विदेशी निवेश आने के कई कारण हैं। एक तो सरकार तेजी से निवेश कर रही है। दूसरा मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन की क्षमता में सुधार है। रियल एस्टेट, फाइनेंस जैसी सेवा में तेजी है। घरेलू संस्थागत निवेशकों जैसे म्यूचुअल फंड भी निवेश कर रहे हैं। कॉरपोरेट की आय अच्छी है और रुपय में मजबूती है।

सबसे ज्यादा एफआईआई निवेश अमेरिका में है जो 90 अरब डॉलर है। यहां का बाजार 22 पर्सेंट का फायदा दिया है। जापान में निवेश 61 अरब डॉलर रहा है और यहां के बाजार ने 45 पर्सेंट का रिटर्न दिया है। कोरिया ने 12 फीसदी का रिटर्न दिया है। यहां 13 अरब डॉलर निवेश आया है।

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