चालू वित्त वर्ष में 450 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है वस्तुओं का निर्यात

मुंबई- लाल सागर संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष के अंत तक वस्तुओं का निर्यात 450 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। निर्यातकों के संगठन फियो के मुताबिक, लाल सागर संकट से पैदा हुई चुनौतियों का समाधान समुद्री बीमा और माल ढुलाई शुल्क में तर्कसंगत वृद्धि करके किया जा सकता है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के अनुसार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इसक्षेत्र को आसान और कम लागत वाले कर्ज के समर्थन की जरूरत है। ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौतों को अंतिम रूप देने से भी निर्यात को मदद मिलेगी। समस्याओं के बावजूद फरवरी में निर्यात लगभग 12 प्रतिशत बढ़कर 41.40 अरब डॉलर रहा। अप्रैल-फरवरी के दौरान वस्तुओं का निर्यात 395 अरब डॉलर था।

फियो अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने मंगलवार को कहा, मैं सूक्ष्म, छोटे एवं मझोले एमएसएमई के मुद्दों का समाधान करने पर ध्यान केंद्रित करूंगा। ये इकाइयां 2030 तक 1,000 अरब डॉलर के वस्तु निर्यात के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ये अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें कर्ज से संबंधित कुछ मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। मैं बैंकों से इन इकाइयों को समर्थन देने की अपील करूंगा।

अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का कहना है कि उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि से 2030 तक 40 अरब डॉलर के परिधान निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। हमें अपनी क्षमताएं बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि भारत में निर्यात उद्योग अभी भी बुनियादी उत्पादों को संभालने में असमर्थ हैं। हम हर साल लगभग 150,000 कुशल श्रमिक तैयार कर रहे हैं, लेकिन यह अभी भी कम है। जिस विकास का हम लक्ष्य बना रहे हैं उसे हासिल करने के लिए और कुशल कर्मचारियों की जरूरत होगी।

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