रिश्वत मामले में अदाणी समूह व गौतम अदाणी की अमेरिका में चल रही जांच

मुंबई- अमेरिका में अडाणी ग्रुप और ग्रुप के चेयरपर्सन गौतम अडाणी के खिलाफ जांच की जा रही है। यह जांच इस बात को लेकर हो रही है कि अडाणी ग्रुप, गौतम अडाणी या उनसे जुड़े लोगों ने क्या भारतीय अधिकारियों को एक एनर्जी प्रोजेक्ट में मन मुताबिक काम करवाने के लिए रिश्वत दी थी?

इसके साथ ही गौतम अडाणी के आचरण को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी एज्योर पावर ग्लोबल भी जांच के दायरे में शामिल है। न्यूयॉर्क के पूर्वी डिस्ट्रिक्ट का अटॉर्नी ऑफिस और वाशिंगटन के न्याय विभाग की फ्रॉड यूनिट इस मामले की जांच कर रही है।

अडाणी ग्रुप ने कहा कि हमें हमारे ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी के खिलाफ जारी ऐसी किसी भी जांच के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हमारा बिजनेस ग्रुप उच्च स्तरीय मानकों पर काम करता है। हम भारत सहित अन्य देशों के भ्रष्टाचार विरोधी कानून के अधीन हैं और उसका पालन करते हैं।

अमेरिका का कानून अपने अधिकारियों को विदेश में हुए भ्रष्टाचार के मामलों में क्रॉस एग्जामिनेशन और जांच करने की अनुमति देता है। हालांकि, उस मामले में अमेरिकी इंवेस्टर्स का पैसा लगा होना चाहिए। 24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर शेयर मैनिपुलेशन जैसे आरोप लगाए थे। केस की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 6 सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इसके अलावा मार्केट रेगुलेटर SEBI को भी जांच करने के लिए कहा था।

अडानी ग्रुप (Adani Group) ने एक अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में बंदरगाह, ऊर्जा, हवाई अड्डा, जिंस, सीमेंट और मीडिया क्षेत्र तक फैले अपने कारोबार में 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की योजना बनाई है। समूह ने अगले 7-10 वर्षों में कारोबार बढ़ाने के लिए अपने निवेश पूर्वानुमान को 100 अरब डॉलर से बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनुमानित खर्च इससे पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक है। विश्लेषकों के अनुसार 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष 2023-24 में खर्च लगभग 10 अरब डॉलर का पूंजीगत व्यय होने का अनुमान है।

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