स्मॉल व मिड कैप शेयरों से निवेशकों को 5.81 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

मुंबई- पूंजी बाजार नियामक सेबी की ओर से स्मॉल और मिड कैप शेयरों के बारे में जताई गई चिंता से इस हफ्ते में इन दोनों इंडेक्स में निवेशकों के 5.81 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। इसके अलावा सेबी ने म्यूचुअल फंड को इन शेयरों में एकमुश्त निवेश को सीमित करने का भी सुझाव दिया है। इससे इनमें जबरदस्त बिकवाली देखी गई।

सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच के बयान के बाद पिछले 15 माह में इन शेयरों का इस हफ्ते सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। म्यूचुअल फंडों ने अब तनाव परीक्षणों के परिणामों का खुलासा करना शुरू कर दिया है। इससे निवेशकों ने इन फंडों से पैसा निकालना शुरू दिया है।

पिछले एक साल में निफ्टी स्मॉल कैप 100 इंडेक्स का मूल्य करीब दोगुना बढ़ा है। मिडकैप 60 फीसदी तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने फंड हाउसों से स्मॉल और मिड कैप फंडों में निवेश को नियंत्रित करने और निवेशकों को निकासी से बचाने के लिए कहा है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने कहा कि हालिया सुधार के बावजूद, ये शेयर ऊंचे मूल्यांकन पर हैं। कई कम गुणवत्ता वाले शेयरों में अभी भारी गिरावट आ सकती है। कई स्मॉलकैप और छोटे शेयरों में महादेव ऑनलाइन एप में शामिल कंपनियों की भी हिस्सेदारी है। इनका करोड़ों रुपये का निवेश है। इस कंपनियों को इस महीने अब तक 37 फीसदी तक का नुकसान हुआ है। महादेव ऑनलाइन बुक घोटाले के कारण स्मॉलकैप निवेशकों को नुकसान हुआ है। घोटाले से जुड़े कई शेयरों में भारी गिरावट देखी गई है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दुबई स्थित कथित हवाला ऑपरेटर और संबंधित संस्थाओं के पास 30 से अधिक स्टॉक हैं। आरोपियों के पोर्टफोलियो में मौजूद कई शेयरों ने कई गुना रिटर्न दिया है। उदाहरण के तौर पर जेनसोल इंजीनियरिंग ने दो वर्षों 8 गुना का रिटर्न दिया है। एक मार्च के बाद से इसका मूल्य एक तिहाई कम हो गया है।

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