जानिए कौन है क्विक सप्लाई जिसने राजनीतिक दलों को दी 410 करोड़ चंदा

मुंबई- चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में चंदा देने वाली कंपनियों की लिस्ट जारी कर दी है। इसके मुताबिक क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड (Qwik Supply) तीसरी सबसे बड़ी दानदाता थी। क्विक सप्लाई नवी मुंबई के धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी में रजिस्टर्ड है और देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) से जुड़ी है।

इसने फाइनेंशियल ईयर वर्ष 2021-22 और 2023-24 के बीच 410 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे। हालांकि, रिलायंस ने कहा कि यह कंपनी रिलायंस की किसी भी इकाई की सब्सिडियरी कंपनी नहीं है। चुनाव आयोग द्वारा अपनी वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार चुनावी बॉन्ड के जरिए राजनीतिक दलों को चंदा देने वाली कंपनियों में फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज (1,368 करोड़ रुपये) पहले और हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रा (966 करोड़ रुपये) दूसरे नंबर पर है।

इन दोनों के बाद क्विक सप्लाई की नंबर है। सार्वजनिक रूप से प्राप्त जानकारी में क्विक सप्लाई को वेयरहाउस और स्टोरेज यूनिट्स बनाती है। इस अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी का गठन नौ नवंबर 2000 को 130.99 करोड़ रुपये की अधिकृत शेयर पूंजी के साथ बनाया गया था। इसकी चुकता पूंजी 129.99 करोड़ रुपये है। अप्रैल, 2022 से मार्च, 2023 में कंपनी का राजस्व 500 करोड़ रुपये से अधिक था। हालांकि मुनाफे का आंकड़ा ज्ञात नहीं है।

इस कंपनी ने 2021-22 में 360 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे। उस साल कंपनी को केवल 21.72 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। 2023-24 में इस कंपनी ने 50 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदा। इस कंपनी के तीन डायरेक्टर और एक मैनेजमेंट पर्सनल है। इसके बोर्ड में शामिल सबसे पुराने डायरेक्टर तापस मित्रा 25 और कंपनियों में डायरेक्टर हैं। क्विक सप्लाई के बोर्ड में उन्हें 17 नवंबर, 2014 को शामिल किया गया था।

मित्रा रिलायंस एरोस प्रॉडक्शंस एलएलपी और जामनगर कांडला पाइपलाइन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में भी डायरेक्टर हैं। जामनगर कांडला पाइपलाइन अहमदाबाद में उसी पते पर रजिस्टर्ड है जिस पर रिलायंस की कुछ और कंपनियां भी रजिस्टर्ड हैं। इनमें रिलायंस पेजिंग प्राइवेट लिमिटेड, जामनगर रतलाम पाइपाइन प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस टैंकेजेज प्राइवेट लिमिटेड और रिलायंस ऑयल एंड पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

विपुल प्राणलाल मेहता 10 दिसंबर, 2019 से क्विक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल हैं। साथ ही वह आठ अन्य कंपनियों में भी डायरेक्टर हैं। इनमें RelIcons and Traders Private Limited भी शामिल हैं। क्विक सप्लाई के बोर्ड में शामिल होने वाले Sridhar Titti सबसे नए डायरेक्टर हैं। उन्हें 27 नवंबर, 2023 को शामिल किया गया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज के एक प्रवक्ता ने कहा कि क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड रिलायंस की किसी भी एंटिटी की सब्सिडियरी नहीं है।

सुरेन्दर लूनिया से जुड़ी कंपनी Nexg Devices Pvt Ltd ने मई 2019 से नवंबर 2022 के बीच 25 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे थे। उनसे जुड़ी एक और कंपनी इन्फोटेल बिजनस सॉल्यूशंस ने मई 2019 में 15 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे थे। उन्होंने एनडीटीवी में रिलायंस की कंपनियों से जुड़ी 29.18 फीसदी हिस्सेदारी अडानी ग्रुप को बेची थी। 

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