बिरला, वेदांता, फ्यूचर गेमिंग, मेघा, क्विक सप्लाई ने दिया पार्टियों को हजारों करोड़ चंदा

मुंबई- चुनाव आयोग ने गुरुवार (14 मार्च) को इलेक्टोरल बॉन्ड का सारा डेटा अपनी वेबसाइट पर जारी कर दिया। वेबसाइट पर 763 पेजों की दो लिस्ट अपलोड की गई हैं। एक लिस्ट में बॉन्ड खरीदने वालों की जानकारी है। दूसरी में राजनीतिक दलों को मिले बॉन्ड की डिटेल है।

इसके मुताबिक, 12 अप्रैल 2019 से जनवरी 2024 तक 1 लाख, 10 लाख और 1 करोड़ रुपए के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए हैं। राजनीतिक पार्टियों को सबसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनी फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज पीआर है, जिसने ₹ 1,368 करोड़ के बॉन्ड खरीदे।

दूसरे नंबर पर मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड है, जिसने 966 करोड़ रुपए का बॉन्ड खरीदा। तीसरे नंबर पर 410 करोड़ के बॉन्ड क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड, ​​​​​​​वेदांता लिमिटेड 400 करोड़ के साथ चौथे नंबर पर और हल्दिया एनर्जी लिमिटेड ₹ 377 करोड़ के साथ 5वें नंबर पर है।

छठे नंबर पर भारती ग्रुप ​​​​​ने 247 करोड़, 7वें नंबर पर एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 224 करोड़, 8वें नंबर पर वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 220 करोड़, 9वें नंबर पर केवेंटर फूडपार्क इंफ्रा लिमिटेड ने 195 करोड़ और 10वें नंबर पर मदनलाल लिमिटेड ने 185 करोड़ का दान दिया है। ​​​​​​​

सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को 15 मार्च तक यह डेटा सार्वजनिक करने का आदेश दिया था। इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन दिनेश कुमार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल की। इसमें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के 11 मार्च के निर्देश के मुताबिक इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी उपलब्ध जानकारी चुनाव आयोग को दे दी गई है।

SBI के हलफनामे के अनुसार, एक अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 तक 22 हजार 217 इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। इनमें से 22,030 बॉन्ड का पैसा राजनीतिक पार्टियों ने कैश करा लिया है। पार्टियों ने 15 दिन की वैलिडिटी के भीतर 187 बॉन्ड को कैश नहीं किया, उसकी रकम प्रधानमंत्री राहत कोष में ट्रांसफर कर दी गई।

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