एसएमई आईपीओ की कीमतों में हेराफेरी, सेबी कर रहा जांच, फंसेंगे ब्रोकर

मुंबई- छोटे और मझोले यानी एसएमई आईपीओ की कीमतों को लेकर बड़े पैमाने पर हेराफेरी हो रही है। इनके मूल्य में छेड़छाड़ हो रही है। ऐसे में सेबी इनके नियमों को ज्यादा कठोर करने पर विचार कर रहा है। साथ ही कार्रवाई करने के लिए वह सबूत भी जुटा रहा है। सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने कहा, एसएमई आईपीओ को लेकर अतिरिक्त खुलासा का नियम आ सकता है।

माधबी पुरी बुच ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा, हमने ऐसा देखा है कि एसएमई आईपीओ के ऑफर में मूल्य बदलाव का नया पैटर्न दिख रहा है। इस तरह के आईपीओ के ट्रेडिंग के वक्त और खुलासा पर विचार करना जरूरी है। हेरफेर का सुझाव देने वाले पैटर्न की पहचान करने की तकनीक के अलावा, नियामक को यह भी जानकारी मिली है कि इस तरह की धोखाधड़ी वाली गतिविधि की पहचान कैसे की जा सकती है और उनसे कैसे निपटा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पूंजी बाजार नियामक अभी भी सभी आयामों को समझने और डाटा का विश्लेषण करने के लिए सलाहकारों के साथ काम कर रहा है। अगर उसे कुछ गलतियां मिलती हैं तो अगले कदम पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को यह समझने की जरूरत है कि एसएमई इश्यू मुख्य बोर्ड से अलग हैं। सेबी के लिए निवेशकों को किए जाने वाले खुलासे के नियमों के संदर्भ में समझना जरूरी है।

बुच ने कहा, बुलबुले को बनते रहने देना उचित नहीं होगा, क्योंकि जब यह फूटता है, तो निवेशकों पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। यह अच्छी बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने इस तरह की कंपनियों पर कार्रवाई की कोई तय समय सीमा की जानकारी नहीं दी।

कंपनियों के प्रमोटर्स, ऑपरेटर्स के साथ मिलकर आईपीओ के लिए आवेदन करने वाले ऐसे लोगों की तलाश करते हैं, जो अपने आवेदन बेचने को इच्छुक हों और उन्हें खास डील के तहत इसकी भरपाई की जाती है। बुच ने कहा, गड़बड़ी करने वाले आवेदनों को इस तरह से पेश करते हैं कि यह खारिज हो जाए, लेकिन इससे सब्सक्रिप्शन नंबर बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा खुदरा निवेशकों को आकर्षित करने का मकसद पूरा हो जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *