दक्षिण एशिया में पहली बार, 30 मिनट में बिना ऑपरेशन ब्रेन ट्यूमर इलाज

मुंबई- दक्षिण एशिया में पहली बार ब्रेन ट्यूमर की नई टेक्नोलॉजी ने कमाल कर‌ दिया है। इसके तकनीक से केवल 30 मिनट में ब्रेन ट्यूमर का इलाज होगा और मरीज घर जा सकेगा। पहले ऑपरेशन में चार से पांच घंटे तक लग जाते थे। इसमें न तो कोई दर्द होगा और न ही कोई अन्य तकलीफ होगी। साथ ही, इसका खर्च भी पहले की तकनीक के ही जितना है।

अपोलो अस्पताल ने जैप एक्स रेडियोसर्जरी को लॉन्च किया है। यह तकनीक पहली बार दक्षिण एशिया में आई है। इससे सीधे ट्यूमर को तोड़ा जाता है। अपोलो समूह के चेयरमैन डॉ. प्रताप चंद्र रेड्डी ने कहा, इस नई टेक्नोलॉजी से मरीजों के पैसों और समय की बचत होगी। साथ ही उन्हें आराम भी होगा। पहले सात दिन तक अस्पताल में रखा जाता था। अब यह केवल आधे घंटे का मामला है। यानी सात दिन तक का अस्पताल का खर्च बचेगा।  

इस नई टेक्नोलॉजी से सर्जिकल की जरूरत नहीं होती है। इसमें फ्रेमलेस, पिनपॉइंट और सटीकता के आधार पर इलाज करने की क्षमता है। इस टेक्नोलॉजी की सफलता दर 99 फीसदी से ज्यादा है। स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन के न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर और जैप के सीईओ जॉन आर एडलर ने कहा, अब पूरे मष्तिष्क को रेडियोथेरेपी के जरिये अध्ययन कर इलाज किया जाएगा। 

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