खर्च में कोताही, कोई भी राज्य बजट अनुमान के निवेश को नहीं कर पाए पूरा

मुंबई- चालू वित्त वर्ष का यह अंतिम महीना है। फिर भी कोई भी राज्य अपने बजट अनुमान के खर्च को पूरा नहीं कर पाया है। यहां तक कि केंद्र सरकार बजट अनुमान का करीब 76 फीसदी हिस्सा यानी 7.2 लाख करोड़ खर्च की है। जबकि 27 राज्यों ने केवल 53 फीसदी यानी 4.7 लाख करोड़ रुपये खर्च किया है। इस महीने में चुनाव की आचार संहिता लगने से निवेश के बाधित होने की संभावना है।

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष यानी अप्रैल से लेकर जनवरी तक सबसे कम खर्च मणिपुर, नगालैंड और त्रिपुरा का रहा है जो बजट अनुमान का 30 फीसदी से भी कम है। सबसे ज्यादा खर्च तेलंगाना ने किया है। इसने बजट अनुमान का 90 फीसदी खर्च किया है और उम्मीद है कि इस माह के अंत तक यह रकम 100 फीसदी हो जाएगी।

बड़े राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र ने चालू वित्त वर्ष में 37 फीसदी खर्च किया है जो पिछले वर्ष के 33 फीसदी से अधिक है। कर्नाटक का खर्च पिछले वित्त वर्ष में 74 फीसदी से घटकर इस वित्त वर्ष में 41 फीसदी पर आ गया है। पश्चिम बंगाल का निवेश 35 से बढ़कर 44 फीसदी और असम का 34 से बढ़कर 51 फीसदी हो गया है।

गुजरात ने पिछले वित्त वर्ष में 57 फीसदी रकम खर्च की थी। इस वित्त वर्ष में 46 फीसदी खर्च किया है। राजस्थान का खर्च 43 फीसदी से बढ़कर 52 फीसदी, झारखंड का 41 से 56 फीसदी और ओडिसा का खर्च 58 फीसदी से घटकर 57 फीसदी रहा है। तमिलनाडु ने कुल अनुमान का 62 फीसदी निवेश किया है। पिछले वित्त वर्ष में यह 53 फीसदी था। आंध्र प्रदेश ने 67 फीसदी रकम खर्च की है जो एक साल पहले 24 फीसदी थी।

उत्तर प्रदेश ने बजट अनुमान में 1.56 लाख करोड़ रुपये का खर्च रखा था। लेकिन इसने केवल 50 पर्सेंट यानी 78,180 करोड़ रुपये ही निवेश किया है। पंजाब ने 10,535 करोड़ में से 33 पर्सेंट, उत्तराखंड ने 16,421 करोड़ में से 40 पर्सेंट, हिमाचल प्रदेश ने 5,202 करोड़ में से 65 पर्सेंट और हरियाणा ने 23,007 करोड़ में से 71 पर्सेंट रकम का निवेश किया है।

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