ऊंची कीमतों से पाम तेल आयात घटकर नौ माह के निचले स्तर पर पहुंचा

मुंबई- ऊंची कीमतों के कारण पाम तेल का आयात फरवरी में सालाना आधार पर 35.6 फीसदी घटकर 5.04 लाख टन पर आ गया है। यह मई, 2023 के बाद का निचला स्तर है। व्यापारियों ने इस दौरान सूर्यमुखी तेल की ज्यादा खरीदी की है।

कारोबारियों के मुताबिक, सूर्यमुखी और सोयाबीन तेल की तुलना में पाम तेल महंगा हो गया है। इससे मार्जिन में कमी हो रही है। पाम तेल आम तौर पर सोया और सूर्यमुखी की तुलना में सस्ता होता है। लेकिन इसके भंडार में कमी आने से दाम में तेजी आ गई है।

कच्चे पाम तेल आयात की कीमत अप्रैल डिलीवरी के लिए बीमा और अन्य लागत के साथ 965 डॉलर प्रति मैट्रिक टन रही है। सोया और सूर्यमुखी तेल की कीमत इसी दौरान 950 और 928 डॉलर प्रति मैट्रिक टन रही है।

पाम तेल के दाम में तेजी और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमले के कारण आयात में देरी से सूर्यमुखी तेल का आयात पिछले माह 34 फीसदी बढ़कर 2.95 लाख टन रहा है। सोया तेल का आयात फरवरी में 7.9 फीसदी गिरकर 1.74 लाख टन रहा है।

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