जेएम फाइनेंशियल प्रोडक्ट को शेयर और डिबेंचर्स के बदले नहीं दे पाएगा लोन

मुंबई- जेएम फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स लिमिटेड (JMFPL) अब शेयर और डिबेंचर्स के बदले लोन नहीं दे पाएगी। क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज यानी 5 मार्च से तत्काल प्रभाव से इस पर रोक लगा दी है। इसके अलावा RBI ने शेयरों के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के अगेंस्ट लोन की मंजूरी और वितरण पर भी रोक लगा दी है।

सेंट्रल बैंक की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की ओर से शेयर की गई जानकारी के आधार पर कंपनी के अकाउंट्स की रिव्यू की गई जिसमें IPO फाइनेंसिंग और NCD सब्सक्रिप्शन के लिए कंपनी लोन देने की प्रोसेस में गंभीर खामियां पाई गईं हैं।

हालांकि कंपनी अपनी मौजूदा लोन अकाउंट की सर्विस को सामान्य कलेक्शन और रिकवरी प्रोसेस के जरिए जारी रख सकती है। कंपनी ने लोन अमाउंट का उपयोग करके अपने कुछ कस्टमर्स को IPO और NCD ऑफरिंग के लिए बोली लगाने में बार-बार मदद की है।

जांच में क्रेडिट अंडरराइटिंग अव्यवस्थित पाई गई और फाइनेंशिंग लो-मार्जिन पर किया गया था। सब्सक्रिप्शन के एप्लिकेशन, डिमैट अकाउंट्स और बैंक अकाउंट सभी को कंपनी पावर ऑफ अटॉर्नी (POA) और ग्राहकों से मिले मास्टर एग्रीमेंट का उपयोग करके ऑपरेट कर रही थी।

इसमें ग्राहकों का इन्वॉल्वमेंट कहीं नहीं था। ऐसा लगा, कंपनी पूरी तरह से लेडर और बॉरोअर दोनों की तरह काम कर रही थी। कंपनी POA का इस्तेमाल करते हुए बैंक अकाउंट खोलने के साथ-साथ उन बैंक अकाउंट्स के ऑपरेटर के तौर पर भी काम कर रही थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *