भारत की बेरोजगारी दर अब तीन साल में सबसे कम 3.1 पर्सेंट पर पहुंची

मुंबई- भारत की बेरोजगारी दर में गिरावट आई है। 2022 में 3.6 फीसदी से घटकर यह 2023 में 3.1 फीसदी रह गई है। यह कमी शहरी बेरोजगारी में कमी के कारण है, जो 5.9 फीसदी से घटकर 5.2 फीसदी हो गई है। ग्रामीण बेरोजगारी में भी मामूली गिरावट देखने को मिली है। यह 2.8 फीसदी से घटकर 2.4 फीसदी रह गई है।

ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2023 में भारत के लिए अपने विकास अनुमान को बढ़ाया है। एजेंसी ने इसे 6.7 फीसदी से बढ़ाकर 7.7 फीसदी कर दिया है। हालांकि, 2024 में विकास दर घटकर 6.8 फीसदी और 2025 में 6.4 फीसदी रहने का अनुमान है। अप्रैल-दिसंबर की अवधि में भारत की अर्थव्यवस्था में 8 फीसदी से ज्‍यादा की ग्रोथ हुई।

पुरुषों और महिलाओं के बीच बेरोजगारी में अंतर बढ़ा है। कारण है कि पुरुष बेरोजगारी की तुलना में महिला बेरोजगारी में धीमी रफ्तार से कमी आई है। बेशक, महिला श्रम शक्ति की भागीदारी 33.9% से बढ़कर 41.3% हो गई है। लेकिन, महिला बेरोजगारी में केवल 3.3% से 3% की गिरावट आई है। इसके उलट शहरी क्षेत्रों में पुरुष बेरोजगारी 3.7% से घटकर 3.2% हो गई।

शहरी क्षेत्रों में महिला श्रम शक्ति की भागीदारी 27.2% के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, ज्‍यादा महिलाओं ने वर्कफोर्स में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करने के बावजूद अर्थव्यवस्था में उनकी समग्र भागीदारी घट रही है।

2022 और 2023 के बीच वरिष्ठ अधिकारियों और प्रबंधकों के रूप में काम करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 19% से घटकर 14.4% हो गया। यह गिरावट शहरी क्षेत्रों में अधिक महत्वपूर्ण थी, जहां अनुपात 4.8 फीसदी घटकर 13.8 फीसदी हो गया। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 4.1 फीसदी की गिरावट के साथ 15.4 फीसदी रह गया।

इसी अवधि के दौरान पेशेवर और तकनीकी कर्मचारियों के रूप में काम करने वाली महिलाओं का अनुपात 46.5 फीसदी से बढ़कर 49.4 फीसदी हो गया। इसके अलावा आंकड़े बताते हैं कि एडवांस डिग्री वाली महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्‍यादा रफ्तार से रोजगार मिल रहा है।

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