कर्ज की तुलना में जमा में कम वृद्धि से बैंकों की उधारी पर पड़े सकता है असर

मुंबई- कर्ज की तुलना में जमा में कम वृद्धि से आने वाले समय में बैंकों की उधारी पर असर पड़ सकता है। रेटिंग एजेंसी केयर के मुताबिक, इससे बैंकों का शुद्ध ब्याज मार्जिन भी प्रभावित होगा। चालू वित्त वर्ष में कर्ज की रफ्तार 20.3 फीसदी की दर से बढ़ी है। जमा की वृद्धि दर महज 13.6 फीसदी रही है।

एजेंसी के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक का तरलता कवरेज अनुपात जुलाई-सितंबर में 120 प्रतिशत से घटकर अक्तूबर-दिसंबर में 102 प्रतिशत रह गया है। आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक का अनुपात इसी दौरान गिरकर 118 फीसदी पर पहुंच गया है। एसबीआई का अनुपात 140 प्रतिशत से कम होकर 137 प्रतिशत पर रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा का तरलता कवरेज अनुपात 140 फीसदी से ज्यादा रहा है। इनके साथ अन्य बैंकों का भी यही हाल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खुदरा कर्ज में जबरदस्त तेजी रही है। दिसंबर तिमाही में कुल उधारी में इसकी हिस्सेदारी 30 फीसदी थी। उद्योग का हिस्सा 29 और सेवाओं का हिस्सा 24 फीसदी रहा था।

वित्त वर्ष 2021 और 2022 में कर्ज की वृद्धि जमा से कम रही थी। हालांकि, 2023 और 2024 में जमा में बढ़त देखी गई, लेकिन जमा के अनुुपात में उधारी का स्तर बढ़कर औसत 81 तक पहुंच गया। इसका मतलब यह है कि 100 रुपये के जमा में से 81 रुपये का कर्ज बांटा गया। इसमें सरकारी बैंकों ने 100 रुपये में से 74 रुपये और बैंकों ने 94 रुपये तक का कर्ज दे दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *