पीएफ में हर तीन में से एक दावा रिजेक्ट, ऐसे करें उपाय तो मिलेगी रकम

मुंबई- एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर तीन में से एक पीएफ निकासी का दावा खारिज हो रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि निकासी के समय आप जो जानकारी दे रहे हैं, उनमें गलतियां हैं। ऐसे में निकासी का दावा करने से पहले प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) निकासी के दावे को तब खारिज करता है, जब दी गई जानकारी उसके डेटाबेस की जानकारी से मेल नहीं खाती है। इनमें नाम, जन्मतिथि या यहां तक कि अधूरे केवाईसी रिकॉर्ड भी दावा खारिज का कारण बन सकते हैं। इसलिए, किसी भी अस्वीकृति या देरी से बचने के लिए दावा दायर करने से पहले कुछ कदम उठाएं। दावा दायर करने से पहले ईपीएफओ के सदस्य सेवा पोर्टल पर कुछ जानकारी की जांच करनी चाहिए।

ईपीएफ दावा अभी करें या भविष्य में, आपको ईपीएफओ पोर्टल पर कुछ जानकारी हर समय अपडेट करना चाहिए। इससे निकासी दावे की आसान प्रक्रिया के साथ नौकरी बदलते समय खाते के ट्रांसफर में भी मदद मिलेगी।

जॉब का विवरण: पहले के संस्थानों जुड़ने और छोड़ने की तारीखें, नियोक्ता विवरण और सेवा में कोई अंतराल शामिल है।

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन): इसे सक्रिय करके वर्तमान कंपनी विवरण के साथ अपडेट करें। बैंक खाता संख्या, आईएफएससी को जांचें व सत्यापित करें। गलत बैंक विवरण दावा खारिज होने का एक सामान्य कारण है।

आईडी और पते के प्रमाण: ईपीएफओ रिकॉर्ड के मुताबिक हो। इसमें नाम, जन्मतिथि व पिता का नाम समेत अन्य चीजें शामिल हैं। इसकी जांच के लिए सदस्य सेवा पोर्टल पर जा सकते हैं। यदि ये रिकॉर्ड अपडेट नहीं हैं, तो तुरंत सुधार करना चाहिए। इससे दावा दायर करते समय परेशानी से बचने में मदद मिलेगी। इन सूचनाओं के ईपीएफओ रिकॉर्ड में अपडेट होने के बाद दावा दायर करने से पहले निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए।

दावे के प्रकार के लिए उपयुक्त फॉर्म चुनें। उसे सही-सही भरें। खाता ट्रांसफर और निकासी के फॉर्म अलग-अलग हैं। निकासी के लिए पात्रता की जांच करें, क्योंकि निकासी के विभिन्न उद्देश्यों के लिए अलग-अलग शर्तें हैं। जांचें कि फॉर्म पूरी तरह और सही तरीके से भरा गया है। जरूरी दस्तावेज जैसे कैंसल चेक, आईडी व पता प्रमाण और संबंधित दस्तावेज।

अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) जैसे आधार, पैन और बैंक खाता विवरण अपडेट करें। इसे ईपीएफ खाते से लिंक करें। ईपीएफओ सेवा पोर्टल पर ही दावा दायर करने की अनुमति देता है। इनसे दावे को खारिज होने की संभावना कम हो जाएगी। दावों, खाते के ट्रांसफर और केवाईसी डिजिटल तरीके से अपडेट कर सकते हैं।

ईपीएफओ का लक्ष्य दावा करने के 20 दिनों के भीतर निकासी दावों को निपटाना है। ईपीएफओ कुछ मामलों में दावे और अन्य विवरणों के सत्यापन के लिए बैंकर और नियोक्ता के साथ बैंक रिकॉर्ड का सत्यापन करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *