वेदांता रिसोर्सेज़ अगले तीन साल में तीन अरब डॉलर तक घटाएगी कर्ज

मुंबई- वेदांता लिमिटेड (वीईडीएल) की प्रवर्तक इकाई, वेदांता रिसोर्सेज़ अगले तीन वर्षों में तीन अरब डॉलर का कर्ज कम करेगी। वीईडीएल के उपाध्यक्ष और प्रमोटर समूह के सदस्य नवीन अग्रवाल ने कहा “कर्ज कम करना (डीलिवरेज) हमारी प्राथमिकता है। हम अगले तीन साल में वेदांता रिसोर्सेज का ऋण 3 अरब डॉलर कम कर देंगे। वीईडीएल का नकदी प्रवाह विकास-पूर्व पूंजीगत खर्ज, वित्त वर्ष 2025 के लिए 3.5-4 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जो 1.5 अरब डॉलर की सुरक्षित कर्ज परिपक्वता के लिए पर्याप्त है।

हाल में हुई एनालिस्ट मीट में विश्लेषकों ने कहा वित्त वर्ष 2025 में 1100 मिलियन डॉलर की परिपक्वता और लगभग 750 मिलियन डॉलर के ब्याज भुगतान को ब्रांड शुल्क, एसेट मोनेटाइजेशन और अन्य रणनीतिक पहलों के माध्यम से मैनेज किया जाएगा। वेदांता एक गतिशील संगठन है, जो निरंतर अपनी पूंजी संरचना का मूल्यांकन करता है। मूल कंपनी के पास अपने कर्ज दायित्व को पूरा करने के लिए कई उपाय हैं। इसलिए, हम निकट अवधि में सक्रिय रूप से हिस्सेदारी बिक्री पर विचार नहीं कर रहे हैं।

हमारा मानना है कि विकास परियोजनाओं की शुरूआत से आय की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे पूंजी की लागत में स्वाभाविक कमी आएगी। इस योजना ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई), घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) और खुदरा निवेशकों के बीच काफी रुचि जगाई है, जो इसे वेदांता की आगामी डीमर्जर घोषणा के अग्रदूत के रूप में देखते हैं।

कंपनी ने हाल ही में अपनी प्रमोटर इकाई, फिनसाइडर इंटरनेशनल के जरिये अपने शेयरों का महत्वपूर्ण हिस्सा बेचा है। फिनसाइडर इंटरनेशनलने अपने 1.76% शेयर सफलतापूर्वक 265 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर बेचे, जिससे 1,737 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई। प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी घटकर 61.95% रह गई है।

वेदांता ने अपनी डीमर्जर की घोषणा में कहा था, “डीमर्जर से क्षेत्र-केंद्रित स्वतंत्र व्यवसायों के साथ समूह की कॉर्पोरेट संरचना को सरल बनाने की उम्मीद है। हमारा हर व्यवसाय, वैश्विक स्तर पर है इसलिए बोर्ड ने डीमर्जर का फैसला किया। हम परिसंपत्ति स्वामित्व और उद्यमिता की मानसिकता का निर्माण करना चाहते हैं जहां हर कंपनी अपने विकास की दिशा तैयार करेगी। डीमर्जर से सॉवरेन वेल्थ फंड, खुदरा निवेशक और रणनीतिक निवेशकों सहित वैश्विक निवेशकों को समर्पित प्योर-प्ले कंपनियों में सीधे निवेश के अवसर मिलेंगे। 

वेदांता के पास मेटल और खनिजों के साथ भारतीय और वैश्विक कंपनियों के बीच संपत्ति का एक अनूठा पोर्टफोलियो है, जिनमें ‌जिंक, चांदी, सीसा (लेड), एल्यूमीनियम, क्रोमियम, तांबा, निकेल; तेल एवं गैस; लौह अयस्क और स्टील सहित एक पारंपरिक फेरस वर्टिकल शामिल हैं। साथ ही बिजली, जिसमें कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा भी शामिल है। कंपनी अब सेमीकंडक्टर्स और डिस्प्ले ग्लास के निर्माण के क्षेत्र में प्रवेश कर रही है। कंपनी ने हाल ही में, अपने कर्ज का पुनर्गठन किया है और अपने बॉन्डधारकों को देय भुगतान पूरा कर रही है।

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