वित्तमंत्री ने की 50 फिनटेक कंपनियों के साथ बैठक, पेटीएम को नहीं बुलाया

मुंबई- वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रेगुलेटरी मुद्दों को लेकर करीब 50 फिनटेक कंपनियों के साथ मीटिंग की, जिसमें उन्होंने रेगुलेटरी नियमों का सख्ती के साथ पालन करने की बात कही। इस मीटिंग में पेटीएम पेमेंट्स बैंक को इनवाइट नहीं किया गया था।

इसके अलावा KYC नियम और कंप्लायंस के साथ ही इस सेक्टर में क्या इनोवोटिव किया जा सकता है, इन पर भी चर्चा की गई। मीटिंग में रेजर-पे, फोन-पे, गूगल-पे, जेरोधा और अमेजन-पे सहित प्राइवेट सेक्टर की कई फिनटेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया।

सरकार की ओर से इस मीटिंग में फाइनेंशियल सर्विस सिक्योरिटी विवेक जोशी और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने हिस्सा लिया। इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के डिप्टी गवर्नर सहित नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के अधिकारी भी मौजूद थे।

31 जनवरी को RBI ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा था कि 29 फरवरी के बाद पेटीएम पेमेंट बैंक के अकाउंट में पैसा जमा नहीं किया जा सकेगा। इस बैंक के जरिए वॉलेट, प्रीपेड सर्विसेज, फास्टैग और दूसरी सर्विसेज में पैसा नहीं डाला जा सकेगा। हालांकि, 16 फरवरी को नया सर्कुलर जारी करते हुए इस डेडलाइन को 15 मार्च तक बढ़ा दिया है।

पेटीएम ने लाखों ग्राहकों की KYC नहीं की थी। लाखों अकाउंट का पैन वैलिडेशन नहीं हुआ था। मल्टीपल कस्टमर्स के लिए सिंगल पैन का इस्तेमाल हो रहा था। कई मौकों पर RBI को बैंक की ओर से गलत जानकारी भी दी गई। RBI को बड़ी संख्या में निष्क्रिय खाते भी मिले थे।

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