एसबीआई, रिलायंस, एचडीएफसी बैंक से ज्यादा है बफे की कंपनी का बैलेंस

मुंबई- अमेरिका के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे (Warren Buffett) की कंपनी हैथवे बर्कशायर का कैश बैलेंस दिसंबर तिमाही में 168 अरब डॉलर के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह भारत की कई बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप से ज्यादा है। इनमें एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई और एलआईसी शामिल हैं।

एचडीएफसी बैंक देश का सबसे वैल्यूबल बैंक है। इसका मार्केट कैप करीब 137 अरब डॉलर है। इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 90 अरब डॉलर, एसबीआई का 81 अरब डॉलर और एलआईसी का 80 अरब डॉलर है। भारत की केवल दो कंपनियों रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस का मार्केट कैप बफे के कैश बैलेंस से ज्यादा है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस भारत की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है। इसका मार्केट कैप 242 अरब डॉलर है और टीसीएस का मार्केट कैप 174 अरब डॉलर है।

विदेशी कंपनियों की बात करें तो बफे की जेब में जितना पैसा है वह बैंक ऑफ चाइना (165 अरब डॉलर), उबर (162 अरब डॉलर), अमेरिकन एक्सप्रेस (155 अरब डॉलर), एचएसबीसी और मोर्गन स्टेनली के मार्केट कैप से ज्यादा है। बफे सस्ते रेट पर अच्छी कंपनियों के शेयरों में निवेश को अपना मूलमंत्र मानते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से वह कैश जमा करने में लगे हैं।

सितंबर तिमाही में बर्कशायर हैथवे का कैश बैलेंस 157 अरब डॉलर था। इससे साफ है कि कंपनी को सस्ती कीमत पर अच्छे शेयर नहीं मिल रहे हैं। बर्कशायर हैथवे ने हाल ही में अपनी चौथी तिमाही का रिजल्ट जारी किया। पूरे साल की बात करें तो 2023 में कंपनी की ऑपरेटिंग अर्निंग्स 17 फीसदी उछलकर 37.9 अरब डॉलर पहुंच गई जो पिछले साल 30.9 अरब डॉलर थी।

हैथवे का स्टॉक दुनिया का सबसे महंगा स्टॉक है। इसके क्लास ए स्टॉक की कीमत 6,32,820 डॉलर यानी करीब 5,24,49,418 रुपये है। क्लास ए शेयर ऐसे शेयरों को कहा जाता है जिनमें क्लास बी शेयरों से ज्यादा वोटिंग राइट होता है। अमूमन ये शेयर टॉप मैनेजमेंट को दिए जाते हैं। बफे की बर्कशायर हैथवे में करीब 16% हिस्सेदारी है। इस कंपनी का सबसे ज्यादा कारोबार अमेरिका में है। बफे ने जब साल 1965 में बर्कशायर हैथवे को खरीदा था तब इसका एक शेयर 20 डॉलर से कम का था।

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