बायजू निवेशकों का मालिक को हटाने के पक्ष में वोट, कहा प्रबंधन अनफिट

मुंबई- बायजू की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कुप्रबंधन और विफलताओं को लेकर बायजू के 60 फीसदी से अधिक शेयरधारकों ने संस्थापक सीईओ बायजू रवींद्रन और उनके परिवार को हटाने के लिए मतदान किया है। छह निवेशकों में से एक प्रोसस ने असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बुलाई थी। इसने कहा, शेयरधारकों ने वोट के लिए रखे गए सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। हालांकि, कंपनी ने कहा, संस्थापकों की अनुपस्थिति में बुलाई गई बैठक अवैध और अमान्य है। कंपनी में बायजू परिवार की 26.3 फीसदी हिस्सेदारी है।

प्रोसस की ओर से बुलाई गई बैठक में कंपनी में वित्तीय कुप्रबंधन, निदेशक मंडल का पुनर्गठन और अनुपालन के समाधान का मुद्दा शामिल था। कंपनी के चार निवेशकों ने एनसीएलटी की बंगलूरू बेंच में एक याचिका दायर कर कहा है कि प्रबंधन कंपनी को चलाने के लिए फिट नहीं है। निवेशकों ने एनसीएलटी से संस्थापक बायजू रवींद्रन को कंपनी चलाने के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की है। साथ ही एक नया बोर्ड नियुक्त करने के लिए भी आवेदन किया है।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) बंगलूरू में बायजू प्रबंधन के खिलाफ निवेशकों ने मुकदमे में फोरेंसिक ऑडिट, नए निदेशक मंडल की नियुक्ति, राइट्स इश्यू को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है। बायजू के निवेशकों ने शुक्रवार को कंपनी की अतिरिक्त साधारण मीटिंग बुलाई थी। बायजू की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न के बोर्ड में रवींद्रन, उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ और भाई रीजू रवींद्रन सदस्य हैं। हॉलैंड की कंपनी प्रोसस की अगुवाई में चार निवेशकों ने एनसीएलटी में याचिका फाइल की है। याचिका पर टाइगर और आउल वेंचर्स सहित अन्य शेयरधारकों के समर्थन के साथ-साथ चार निवेशकों प्रोसस, जीए, सोफिना और पीक ने हस्ताक्षर किए हैं।

सूत्रों ने कहा, निवेशकों ने प्रबंधन से जानकारी साझा करने को कहा है। फोरेंसिक ऑडिट और राइट्स इश्यू को अवैध करार देने की भी मांग की है। ईजीएम करीब एक घंटे देरी से शुरू हुई, क्योंकि बायजू के कुछ कर्मचारियों सहित लगभग 200 लोग वर्चुअल मीटिंग में शामिल होना चाहते थे। हालांकि, केवल 40 लोगों को ही मीटिंग में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।

कर्नाटक हाई कोर्ट ने 21 फरवरी को बायजू में 32 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले शेयरधारकों की ओर से सामूहिक रूप से बुलाई गई ईजीएम पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था। ईजीएम में वोट का नतीजा 13 मार्च तक लागू नहीं होगा। कर्नाटक हाई कोर्ट रवींद्रन की याचिका पर अगली सुनवाई करेगा।

बायजू रवीन्द्रन ने एक सप्ताह में दूसरी बार शेयरधारकों को पत्र लिखकर कहा कि ईजीएम अमान्य और शेयरधारक समझौते का उल्लंघन है। पत्र में लिखा है कि उन्हें हटाने की मांग करने वाले निवेशकों ने जज और जूरी की भूमिका निभाई है।

प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल नवंबर में बायजू की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न और बायजू रवींद्रन को 9,362 करोड़ रुपये के उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। रिपोर्ट के अनुसार इसी मामले में ईडी ने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन से रवींद्रन के खिलाफ नया लुकआउट नोटिस जारी करने को कहा है, ताकि रवींद्रन देश छोड़कर बाहर न जा सकें।

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