अंबानी व टाटा समूह ला सकता है आईपीओ, 2 साल में लिस्ट कराने की योजना

मुंबई- दुनिया के कई देश मंदी की चपेट में हैं लेकिन भारत की इकॉनमी रॉकेट की स्पीड से बढ़ रही है। पिछले साल देश में रिकॉर्ड आईपीओ आए थे। जानकारों का कहना है कि अगले दो साल भारत में प्राइमरी मार्केट में और ज्यादा गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मुकेश अंबानी और टाटा ग्रुप इस दौरान आईपीओ मार्केट में दस्तक दे सकते हैं।

पिछले साल देश में 243 कंपनियां लिस्टेड हुईं जो 2022 की तुलना में 65 फीसदी अधिक है। बैंक ऑफ अमेरिका के मुताबिक फंड जुटाने के लिहाज से देश में अगले दो साल काफी बिजी रहने वाले हैं। इस दौरान कई बड़ी-बड़ी कंपनियां, टेक फर्म्स और फाइनेंशियल सर्विसेज प्रोवाइडर्स आईपीओ बाजार में उतर सकती हैं।

बैंक ऑफ अमेरिका के देवाशीष पुरोहित ने एक इंटरव्यू में कहा कि साल 2023 ब्लॉक ट्रेड का साल रहा जबकि 2024 आईपीओ का साल रहेगा। अगले साल यानी 2025 में भी यह मूमेंटम जारी रहने की उम्मीद है। 2024 और 2025 आईपीओ के लिहाज से सबसे व्यस्त साल रहेंगे। उनका कहना है कि इन दो साल में पांच से 10 टेक कंपनियां अपना इश्यू लॉन्च कर सकती हैं। साथ ही दो या तीन मल्टीनेशनल कंपनियों की लोकल कंपनियां आईपीओ बाजार में एंट्री मार सकती हैं। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी दो कंपनियों का आईपीओ ला सकती हैं। इनमें रिलायंस जियो इन्फोकॉम और रिलायंस रिटेल वेंचर्स शामिल हैं।

टाटा संस भी फाइनेंशियल सर्विसेज यूनिट को लिस्ट करा सकती है। आरबीआई ने टाटा ग्रुप के 2025 से पहले अपनी फाइनेंशियल कंपनी को लिस्ट कराने को कहा है। इतना ही नहीं दक्षिण कोरिया की ऑटो कंपनी हुंडई मोटर भी अपने भारतीय बिजनस को लिस्ट कराने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि देश के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा।

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