स्मार्टफोन निर्यात में चीन व वियतनाम से पिछड़ सकता है भारत, मंत्री की सलाह

मुंबई- स्मार्टफोन निर्यात में भारत को चीन और वियतनाम से पिछड़ने का डर सता रहा है। इसे देखते हुए सूचना और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने टैक्स में कटौती कर विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए जल्द कदम उठाने को कहा है. भारत में सालाना आधार पर स्मार्टफोन उत्पादन 16 प्रतिशत बढ़ा है। फिर भी इसे वियतनाम और चीन से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। भारत को बेहतर टैरिफ की पेशकश करके बड़ी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए तेजी से काम करना होगा।

चंद्रशेखर ने कहा, हम स्मार्टफोन बनाकर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और नौकरियां पैदा करना चाहते हैं। लेकिन कलपुर्जों पर ज्यादा टैरिफ से कंपनियों को अपना उत्पादन चीन से भारत लाने पर रोक रहा है। इन टैरिफ से भारत में स्मार्टफोन काफी महंगे हो रहे हैं। इसलिए इस टैरिफ को तुरंत कम करने की जरूरत है।

स्मार्टफोन उत्पादन में भारत की तेज प्रगति के बावजूद टैरिफ जैसी बाधाओं के कारण इसका निर्यात चीन और वियतनाम से कम हो रहा है। चंद्रशेखर ने भारत के स्मार्टफोन बाजार में घरेलू बिक्री के बजाय निर्यात को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका मानना है कि भारत में अब काफी हद तक लोगों के पास स्मार्टफोन हैं और बिक्री की रफ्तार उतनी तेज नहीं है।

भारत में ग्राहक अब पहले के मुकाबले फोन को लंबे समय तक चला रहे हैं। स्मार्टफोन की क्वालिटी अब पहले के मुकाबले बेहतर हो गई है इसलिए मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भारत के लक्ष्यों के अनुरूप टैरिफ नीतियों में रणनीतिक बदलाव करने की जरूरत है।

राजीव चंद्रशेखर ने तीन जनवरी को वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया था। उन्होंने लिखा कि प्रमुख उत्पादन केंद्रों की तुलना में भारत में अधिक टैरिफ के कारण उत्पादन लागत अधिक है। देशों के बीच तनाव में बदलाव के चलते सप्लाई चैन चीन से बाहर जा रही है। ऐसे में जल्द कदम उठाने की जरूरत है। ऐसा नहीं किया गया तो ये मौके वियतनाम, मेक्सिको और थाईलैंड जा सकते हैं।

पिछले साल भारत में स्मार्टफोन उत्पादन में केवल 25 प्रतिशत को बाहर भेजा गया। चीन ने अपने उत्पादन का 63 प्रतिशत और वियतनाम ने 95 प्रतिशत निर्यात किया है। भारत 2029 तक वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी चाहता है, लेकिन अभी तक यह 4 प्रतिशत ही है। सरकार का मकसद वित्त वर्ष 2026 तक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बढ़ाकर 300 अरब डॉलर करना है। इसमें से 130 अरब डॉलर निर्यात से आएगा।

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