जनवरी में देश में गाड़ियों की बिक्री 15 पर्सेंट बढ़कर चार लाख के करीब पहुंची

मुंबई- कार कंपनियों के लिए साल 2024 का पहला महीना यानी जनवरी शानदार रहा और इस दौरान वाहन बनाने वाली कंपनियों ने जमकर वाहन बेचें। स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों यानी SUV की मजबूत मांग के दम पर जनवरी में पैसेंजर व्हीकल्स की रिटेल बिक्री रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। वाहन डीलरों के संगठन फाडा (FADA) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, पैसेंजर वाहन (PV) की सेल्स जनवरी में बढ़कर 3,93,250 यूनिट पर पहुंच गई। जनवरी 2023 में यह आंकड़ा 3,47,086 यूनिट था। इसमें सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ट्रैक्टर की बिक्री सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 88,671 यूनिट हो गई। कुल रिटेल बिक्री जनवरी में सालाना अधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 21,27,653 यूनिट रही, जो जनवरी 2023 में 18,49,691 यूनिट थी।

FADA के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने बयान में कहा, ‘‘ नए मॉडल पेश होने, अधिक अवेलिबिलिटी, प्रभावी मार्किटिंग, उपभोक्ता योजनाओं तथा शादियों के सीजन से एसयूवी की उच्च मांग से बिक्री में उछाल आया। वास्तविक बाजार की मांग के साथ बेहतर तालमेल बैठाने तथा भविष्य में ओवरसप्लाई’ के मुद्दों से बचने के लिए ओईएम के साथ उत्पादन को लेकर फिर से विचार-विमर्श करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि ओईएम (मूल उपकरण निर्माताओं) को निरंतर सफलता और समग्र बाजार स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक उत्पादन योजना के साथ नवाचार को संतुलित करना चाहिए। इसके अलावा दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है। जनवरी 2024 में यह सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 14,58,849 यूनिट हो गई। कमर्शियल वाहन की बिक्री पिछले महीने 89,208 यूनिट पर स्थिर रही। तिपहिया वाहनों की रिटेल सेल्स जनवरी 2023 में 71,325 यूनिट से पिछले महीने 37 प्रतिशत बढ़कर 97,675 इकाई हो गई।

मुश्किलों में फंसी पेटीएम का शेयर 275 रुपये तक जा सकता है। ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी ने एक नोट में कहा, आरबीआई के फैसले के बाद पेटीएम का कारोबारी मॉडल और आय पर गंभीर असर हो सकता है। मंगलवार को कंपनी का शेयर 10 फीसदी के लोअर सर्किट के साथ पहली बार 400 के नीचे 380 रुपये पर बंद हुआ। एक महीने पहले यह शेयर 797 रुपये पर था।

हाल की घटनाओं के बाद, कई ब्रोकरेज ने कंपनी पर अपना दृष्टिकोण बदल दिया है, जिसके परिणामस्वरूप रेटिंग में गिरावट आई है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने भी स्टॉक को ‘अंडरपरफॉर्म’ में डाउनग्रेड कर दिया और इसका टार्गेट प्राइस ₹650 से घटाकर ₹275 प्रति शेयर कर दिया। ऐसा विभिन्न क्षेत्रों में कंपनी के राजस्व में कमी के कारण हुआ।

ब्रोकरेज ने कहा, “हालिया नियामक परिवर्तनों के कारण, Paytm अपने कई ग्राहकों को खो सकता है, जिसमें 330 मिलियन कुल ग्राहक, 110 मिलियन मासिक यूजर्स और 10.6 मिलियन व्यापारी शामिल हैं। इससे पैसा बनाने की उसकी क्षमता और उनका बिजनेस मॉडल खतरे में पड़ गया है। इन चिंताओं के कारण, मैक्वेरी ने राजस्व अनुमानों को बहुत कम कर दिया है।

2025 और 2026 में 60-65% की गिरावट की उम्मीद है।ब्रोकरेज ने कहा है कि पेमेंट बैंक के ग्राहकों या मर्चेंट खातों को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने के लिए KYC वैरिफिकेशन फिर से करना होगा। उन्होंने नोट किया कि भागीदारों के साथ उनके चेक के आधार पर, आरबीआई की 29 फरवरी की समय सीमा तक इस माइग्रेशन को पूरा करना मुश्किल होगा।

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