150 बार रिजेक्ट हुआ यह व्यक्ति, अब खड़ी कर दी अरबों रुपये की कंपनी

मुंबई- ऑनलाइन ऐप ड्रीम 11 (Dream11) के बारे में देश का बच्‍चा-बच्‍चा जानता है। इस ऐप पर फैंटेसी क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल सहित तमाम खेल को लेकर सट्टेबाजी की जाती है, लेकिन, आज इस सफलता के मुकाम पर बैठी यह कंपनी कभी पाई-पाई को मोहताज थी। ड्रीम 11 के पीछे दो दोस्तों का हाथ है। हर्ष जैन ने अपने दोस्त भावित सेठ के साथ मिलकर ड्रीम 11 की शुरुआत की थी।

आज इस सफलता के मुकाम पर बैठी यह कंपनी कभी पाई-पाई को मोहताज थी और इसे बनाने वाले हर्ष और भावित सेठ के आइडिया को एक-दो बार नहीं सौ से ज्यादा बार सिरे से खारिज किया गया। उन्होंने पूरे 150 वेंचर्स के पास जाकर अपना आइडिया सुनाया और निवेश करने की गुहार लगाई। सभी ने उनके आइडिया को रिजेक्‍ट कर दिया। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और न ही अपने आइडिया को बदला।

आखिरकार उन्‍हें एक निवेशक मिला और हर्ष का आइडिया अब एक स्‍टार्टअप के रूप में लोगों के सामने था। हर्ष का हौसला और भरोसा रंग लाया। आज उनकी कंपनी का मार्केट वैल्‍यू 64 हजार करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा है।

आईपीएल की शुरुआत के दौरान साल 2008 में हर्ष और भावित ने ड्रीम 11 (Dream 11) के आइडिया पर काम करना शुरू किया था। हर्ष कंपनी में डिजाइन, टेक, प्रोडक्‍ट और मार्केटिंग का काम देख रहे थे तो भावित ऑपरेशन का काम संभाल रहे थे। कंपनी बनने के बाद शुरुआत में फंडिंग की काफी दिक्‍कत रही।

हर्ष ने खुद कहा था कि साल 2012 के बाद उन्‍होंने कंपनी को फंड दिलाने के लिए 2 साल में करीब डेढ़ सौ वेंचर कैपिटलिस्‍ट से संपर्क किया। लेकिन सभी ने उनके आइडिया को सिरे से नकार दिया था। तमाम मुश्किलों और असफलताओं के बाद हर्ष और भावित की कंपनी को बड़ी सफलता उस वक्त मिली, जब उन्हें साल 2020 आईपीएल की स्‍पांसरशिप राइट मिले। इसके बाद से कंपनी का नाम बच्चे-बच्चे के जुंबा पर चढ़ गया। भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी की स्‍पांसरशिप भी ड्रीम 11 के पास ही है।

ड्रीम 11 के फाउंडर हर्ष जैन का जन्म 1986 में मुंबई में हुआ था। उनके पिता आनंद जैन, Jai Corp Ltd. के चेयरमैन हैं। उनकी मां का नाम सुषमा जैन है। हर्ष की स्कूली शिक्षा मुंबई में ही हुई, उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वे अमेरिका चले गए। अमेरिका में हर्ष ने पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय से 2007 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की और 2014 में कोलंबिया बिज़नेस स्कूल से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। हर्ष को बचपन से ही खेलकूद में विशेष रूचि थी, यही आगे चलकर इनकी पहचान बन गई।

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