लागत घटाने के लिए अब 1,000 लोगों को निकालेगी स्पाइसजेट कंपनी

मुंबई-संकटग्रस्त स्पाइसजेट 1,000 कर्मचारियों को निकालेगी। एयरलाइन लागत घटाने व कम विमान बेड़े के संचालन को व्यवस्थित तरीके से चलाना चाहती है। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि वित्तीय संकट, कानूनी लड़ाई और अन्य बाधाओं में फंसी कंपनी 1,500 कर्मचारियों को निकाल सकती है।

स्पाइसजेट के पास जितने विमान हैं, उनकी तुलना में ज्यादा कर्मचारी हैं। इस सप्ताह कंपनी छंटनी पर अंतिम निर्णय ले सकती है। स्पाइसजेट के पास 9,000 कर्मचारी हैं। इसमें 15 फीसदी यानी 1,350 तक की छंटनी हो सकती है। लागत को कम करने के लिए छंटनी करके कंपनी सालाना 100 करोड़ रुपये तक की बचत कर सकती है। एक सूत्र ने कहा, सभी विभागों में छंटनी की आशंका है। अंतिम सूची तैयार की जा रही है। सभी विभागों से इस बारे में जानकारी मांगी गई है।

एक अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन ने कुछ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) मार्गों पर परिचालन बंद कर दिया है। इन स्टेशनों पर कम वेतन वाले ज्यादा कर्मचारी हैं। ऐसे लोगों को स्थानांतरित करना एक चुनौती होगी। वर्तमान में स्पाइसजेट के पास लीज पर लिए गए 10 विमानों के अलावा 30 से अधिक विमानों का बेड़ा है।

स्पाइसजेट ने कहा कि लागत में कटौती की रणनीति के रूप में हमने कई उपाय शुरू किए हैं। जिसमें कर्मचारियों की संख्या को तर्कसंगत बनाना भी शामिल है। इसके माध्यम से हम 100 करोड़ रुपये तक की वार्षिक बचत की उम्मीद करते हैं। पिछले महीने एयरलाइन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में कंपनी के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा था कि वे व्यक्तिगत रूप से सभी खर्चों की निगरानी करेंगे।

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