वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, 2008 का आर्थिक संकट कोई बहुत बड़ा नहीं था

मुंबई-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को UPA और NDA के 10 साल का कामकाज पर श्वेत पत्र पर भाषण दी। वित्त मंत्री ने कहा कि 10 साल के कामकाज पर ये श्वेत पत्र बड़ी ही जिम्मेदारी के साथ रखा गया है।

सीतारमण ने कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, कोल स्कैम, NPA, कोल ब्लॉक एलोकेशन जैसे मुद्दों के जरिए UPA सरकार पर निशाना साधा। सीतारमण ने कहा कि UPA की नीति कभी भी नेशन फर्स्ट की नहीं रही। इन्होंने फैमिली फर्स्ट नीति रखकर अर्थव्यवस्था को बदहाल कर डाला।

सीतारमण ने कहा कि इन्होंने जो सत्यानाश किया, उसे हमने सुधारा और आज ये मगरमच्छ के आंसू रो रहे हैं। स्पीच के अंत में सीतारमण ने कहा कि हमारी जिम्मेदार सरकार ने अर्थव्यवस्था को बहुत खराब स्थिति से उबारा है। आज यहां पहुंचे हैं तो 10 साल की मेहनत है। 2047 में विकसित भारत बनाने वाले हम ही होंगे।

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में भारतीय अर्थव्यवस्था पर 59 पेज का श्वेत पत्र पेश किया था। इसमें बताया गया है कि जब 2014 में मोदी सरकार ने सत्ता संभाली, तो अर्थव्यवस्था नाजुक स्थिति में थी। 2014 में जब मोदी सरकार आई तो उसने कठोर फैसले लिए, जिससे अर्थव्यवस्था पटरी पर आई।

2008 में ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस उतनी गंभीर बात नहीं थी, जितनी की कोविड-19। मोदी सरकार ने देश को कोविड के हालात से उबारा। ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के दौरान UPA सरकार को गंभीरता से काम करना था। UPA सरकार ने देश के हित की रक्षा के लिए कुछ नहीं किया। घोटालों पर घोटाले होते रहे और इन लोगों ने देश को बुरे हालात में छोड़ दिया। कोल स्कैम की वजह से देश को 1.86 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। ये कैग की रिपोर्ट में लिखा है।

कोल सेक्टर का ये सत्यानाश कर गए। हमने ट्रांसपेरेंट तरीके से सुधार किया। 2020 से 9 बार ऑक्शन में कोल ब्लॉक का एलोकेशन हुआ। हमने पीछे के दरवाजे से मेरे भाई, मेरे बहन, मेरे भतीजे को एलोकेशन नहीं दिया है। आपने कोयला को राख बना दिया। हमने अपनी नीतियों के तप से कोयले को हीरा बना दिया।

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