पेटीएम शेयर में फंसे 11 लाख खुदरा निवेशक, फंडों की 97 स्कीम का निवेश

मुंबई- मुश्किलों में घिरे पेटीएम पेेमेंट्स बैंक के कारण पेटीएम के शेयरों की तीन दिनों में 42 फीसदी की पिटाई हो चुकी है। हालांकि, मंगलवार को इसमें तीन फीसदी तक उछाल देखा गया। इस शेयर में 11 लाख खुदरा, 514 विदेशी संस्थागत निवेशकों और म्यूचुअल फंड की 97 योजनाओं का निवेश फंसा हुआ है। अब तक कंपनी की पूंजी 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा घट चुकी है।

आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में म्यूचुअल फंडों की हिस्सेदारी बढ़कर 4.99 फीसदी हो गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का हिस्सा 2.80 फीसदी बढ़कर 63.27 फीसदी हो गया। खुदरा निवेशकों का हिस्सा 4.57 फीसदी बढ़कर 12.85 फीसदी के पार हो गया। खुदरा निवेशक वे हैं, जिनका निवेश दो लाख रुपये तक किसी कंपनी में होता है।

शीर्ष एफआईआई निवेशकों में बीएनपी पारिबा आर्बिट्रेज और कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट हैं। इन दोनों की एक-एक फीसदी हिस्सेदारी पेटीएम में है। म्यूचुअल फंड की छह स्कीमों में प्रत्येक का 100 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश है। 40 स्कीमों में प्रत्येक का निवेश 10 करोड़ रुपये से कम है।

आरबीआई की सख्ती के बाद अगले दिन जब पेटीएम के शेयर 20 फीसदी टूटे तो मॉर्गन स्टेनली ने 244 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक पेटीएम के बारे में पूरी स्पष्टता नहीं आ जाती है, तब तक खुदरा निवेशकों को इससे दूर रहना चाहिए।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक को अगस्त, 2015 में लाइसेंस मिला था। उस समय आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन थे। उस समय कई सारे बैंकों का पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस मिला था। उस समय कुल 11 कंपनियों को लाइसेंस मिला था। इनमें आदित्य बिड़ला नूवो, एयरटेल एम कॉमर्स, चोलामंडलम, डाकघर विभाग, फिनो पेमेंट्स, एनएसडीएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा और अन्य थे। पेटीएम पेमेंट्स ने 23 मई, 2017 से परिचालन शुरू किया था।

पेटीएम सीईओ विजय शेखर शर्मा ने आरबीआई अधिकारियों से मुलाकात की है। इस मुलाकात में नियामक की चिंताओं को दूर करने पर चर्चा हुई। सूत्रों ने कहा कि पेटीएम ने प्रतिबंध की 29 फरवरी की सीमा आगे तक बढ़ाने की मांग की है।

प्रवर्तन निदेशालय और वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) ने आरबीआई से पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर की गई सख्ती के मामले में रिपोर्ट मांगी है। यह एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि पेटीएम में मनी लांड्रिंग के नियमों का उल्लंघन हुई है या नहीं। एजेंसियां पेटीएम के अलावा अन्य पेमेंट गेटवे कंपनियों की जांच कर रही हैं जिसमें चीन के नियंत्रण वाली कंपनियों की हिस्सेदारी हैं।

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