जीएसटी से सरकार को मिले 1.72 लाख करोड़, 7 साल में दूसरी बार रिकॉर्ड

मुंबई- सरकार ने जनवरी में छप्‍परफाड़ गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स (GST) कलेक्‍शन क‍िया है। इसमें 10 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल जनवरी में 1,55,922 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्‍शन हुआ था। इस तरह प‍िछले साल के मुकाबले कुल बढ़ोतरी 10.4 फीसदी है। यह लगातार 12वां महीना है जब जीएसटी कलेक्‍शन 1.5 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी कलेक्‍शन में बढ़ोतरी का स्वागत किया है। उन्‍होंने कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है। सरकार जीएसटी व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

जनवरी 2024 में जीएसटी कलेक्‍शन में सीजीएसटी  कि हिस्सेदारी 31,844 करोड़, एसजीएसटी के तहत 39,476 करोड़ और आईजीएसटी के तहत 89,989 करोड़ रुपये मिले हैं। सेस से 10,701 करोड़ रुपये मिले हैं।

जीएसटी के उत्‍साहजनक आंकड़े अंतर‍िम बजट से एक द‍िन पहले आए हैं। यह सरकार के मनोबल को बढ़ाएगा। उसे यह बड़ी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजनाओं पर खर्च करने के ल‍िए स्‍पेस देगा। जीएसटी कलेक्‍शन में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं।

जीएसटी में तेजी के प्रमुख कारण अर्थव्यवस्था में मजबूती, त्योहारी सीजन के दौरान खर्च में बढ़ोतरी, जीएसटी अनुपालन में सुधार और सरकार की ओर से किए गए विभिन्न सुधारों का असर दिखा है।

जीएसटी संग्रह का इस्‍तेमाल विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं को फंड‍िंग देने के लिए किया जाता है, जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचा। यह अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत होता है। जब जीएसटी संग्रह बढ़ता है तो यह दर्शाता है कि लोग अधिक खर्च कर रहे हैं, जिससे अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी होती है।

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