बीमा पॉलिसीधारकों को अब सभी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा

मुंबई- स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में बड़ी पहल हुई है। जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (जीआईसी) ने कैशलेस एवरीव्हेयर मुहिम की शुरुआत की है। इस मुहिम के तहत पॉलिसीधारक किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। अब कोई अस्पताल नेटवर्क का बहाना बना कर इलाज से इन्कार नहीं कर सकता है। यह सुविधा तुरंत लागू हो गई है।

जीआईसी के अनुसार, मरीजों को अब किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। भले ही वह अस्पताल बीमा कंपनी की सूची में हो या नहीं। काउंसिल ने जनरल और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के साथ बातचीत के बाद कैशलेस एवरीव्हेर को शुरू किया है। अभी स्वास्थ्य पॉलिसी लेने वाले ग्राहक सिर्फ उसी अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, जो बीमा कंपनी के नेटवर्क में शामिल होता है।

जो अस्पताल कंपनी के नेटवर्क में शामिल नहीं है तो वहां इलाज कराने पर पॉलिसीधारक को पूरा पैसा खुद चुकाना पड़ता है। बाद में बीमा कंपनी से वह पैसा लेना होता है। ऐसी स्थिति में जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं होते हैं, उनको दिक्कत होती है। इसमें दावा करने में काफी समय लग जाता है। उसके बाद बीमा कंपनी दावों के सत्यापन व अन्य प्रक्रियाओं में भी समय लगाती है।

आपातकाल स्थितियों में मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को इसकी जानकारी देनी होगी। गैर-नेटवर्क अस्पताल में शुल्क उन दरों पर आधारित होगा जो अस्पताल मौजूदा सूचीबद्ध बीमा कंपनी से लेता है। 15 बिस्तरों वाले और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत संबंधित राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ पंजीकृत अस्पताल इस कैशलेस भर्ती की पेशकश कर सकते हैं।

जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के अनुसार, वर्तमान में, 63 फीसदी ग्राहक कैशलेस दावों का विकल्प चुनते हैं। अन्य को दावों के लिए आवेदन करना पड़ता है, क्योंकि वे ऐसे अस्पतालों में भर्ती होते हैं, जो उनके बीमाकर्ता या तीसरे पक्ष के नेटवर्क से बाहर हैं।

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